भागलपुर विक्रमशिला सेतु के पिलर में दरार, बाहर दिखा सरिया! स्टील गर्डर लॉन्चिंग के दौरान दलदली मिट्टी में धंसी क्रेन
Vikramshila Setu Bhagalpur Pillar Crack: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के एक पिलर में दरार और सरिया बाहर दिखने से चिंता ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Bhagalpur Pillar Crack: पिलर में दिखी दरार, कंक्रीट उखड़ने से जंग खा रहा सरिया
HighLights
विक्रमशिला सेतु के पिलर में गंभीर दरार और सरिया दिखा।
पुनर्स्थापन कार्य के दौरान क्रेन दलदली मिट्टी में फंसी।
अधिकारी बोले, पिलर की खराबी का समाधान जल्द होगा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Bhagalpur Pillar Crack: उत्तर और दक्षिण बिहार की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर चल रहे पुनर्स्थापन कार्य के बीच एक और बेहद चिंताजनक और गंभीर खामी उजागर हुई है। सेतु के बरारी घाट के समीप संतोषी माता मंदिर के सामने स्थित पिलर में स्पष्ट दरार देखी गई है। स्थिति यह है कि आर्च और पियर जंक्शन के पास से कंक्रीट की मोटी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और पिलर के अंदर लगा लोहे का सरिया बाहर साफ झांक रहा है।
इंजीनियरिंग विशेषज्ञों का मानना है कि पुनर्स्थापन कार्य पूरा होने के बाद भी यदि इस बुनियादी खराबी को ठीक नहीं किया गया, तो पुल पर संकट के बादल नहीं छंटेंगे। खुले सरिये में नमी से जंग लगने और पिलर की दरारें और चौड़ी होने से सेतु की सुरक्षा पर भविष्य में गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
2 गर्डर हटाए गए, तीसरे पर कटर से काम जारी
उधर, मरम्मत कार्य के तहत सेतु के तीनों कमजोर स्लैब को पहले ही काटकर हटा दिया गया था। अब भारी कंक्रीट गर्डरों को काटकर हटाने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है। नवगछिया की ओर कमजोर स्लैब और कंक्रीट गर्डर को पूरी तरह हटाने के बाद स्टील गर्डर लॉन्चिंग का काम चल रहा है।
भागलपुर छोर पर चार दिन पहले कमजोर स्लैब हटाने के बाद कंक्रीट गर्डर तोड़ने का काम शुरू हुआ था। बुधवार देर रात करीब दो बजे पहले गर्डर को काटकर सुरक्षित नीचे उतारा गया, जबकि शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दूसरे गर्डर को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई। अब तीसरे व अंतिम कंक्रीट गर्डर को काटकर हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
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दलदली मिट्टी में फंसी क्रेन, अब जहाज से पहुंचाया जाएगा स्टील गर्डर
03 मई की रात क्षतिग्रस्त होकर गंगा में गिरे हिस्से की जगह नया स्टील गर्डर लगाने के लिए गुरुवार को क्रेन के जरिए गर्डर सेतु पर चढ़ाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन गंगा किनारे की मिट्टी अत्यधिक दलदली होने और धंसान के खतरे के कारण भारी क्रेन वहां तक नहीं पहुंच सकी।
प्रशासन और कार्यदायी एजेंसी अब पहले दलदली मिट्टी को हटाकर ठोस वैकल्पिक रास्ता तैयार कर रही है। रास्ता बनते ही स्टील गर्डर को एसपी सिंगला कंपनी के मालवाहक जहाज पर लोड कर जलमार्ग से क्षतिग्रस्त पिलर तक ले जाया जाएगा, जिसके बाद बड़ी क्रेन की मदद से उसे सेतु पर स्थापित किया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में एक-दो दिन का अतिरिक्त समय लग सकता है।
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सचिव बोले- समस्या पुरानी है, दरार और सरिये की खराबी को करेंगे ठीक
पिलर में आई दरार और बाहर दिख रहे सरिये के संबंध में योजना एवं प्रशासन विभाग के सचिव शशि भूषण सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला विभागीय संज्ञान में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिलर और आर्च जंक्शन पर यह समस्या पहले से बनी हुई है। पुनर्स्थापन कार्य के साथ ही इस तकनीकी खामी का भी मुकम्मल समाधान निकाला जाएगा और आवश्यक ग्राउटिंग व सुदृढ़ीकरण कर इसे पूरी तरह ठीक किया जाएगा। सचिव ने भरोसा दिलाया कि आगामी दो दिनों के भीतर शेष बचे कंक्रीट गर्डर को भी पूरी तरह काटकर हटा लिया जाएगा, जिसके बाद स्टील गर्डर की अंतिम लॉन्चिंग शुरू होगी।
