गंगा में सुरक्षित होगी फेरी सेवा! बिहार के 11 जिलों की 21 जेटियों के लिए बनेगा SOP, 35% आय सरकार को
Bihar Ganga Community Jetty SOP: बिहार परिवहन विभाग गंगा नदी में 21 सामुदायिक जेटियों के लिए एक व्यापक एसओपी तैयार ...और पढ़ें

Bihar Ganga Community Jetty SOP: गंगा में सफर होगा सुरक्षित! बिहार की 21 कम्युनिटी जेटियों के लिए तैयार होगा SOP
HighLights
गंगा नदी में 21 सामुदायिक जेटियों के लिए एसओपी।
यात्रियों की सुरक्षा, मनमानी रोकने पर विशेष ध्यान।
जेटियों की आय में सरकार को मिलेगा 35% हिस्सा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bihar Ganga Community Jetty SOP: गंगा नदी में जल परिवहन और फेरी सेवा को पूरी तरह सुरक्षित, आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बिहार परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) के तहत राज्य के 11 जिलों में गंगा नदी पर नवनिर्मित 21 कम्युनिटी जेटियों के संचालन, रखरखाव और सुरक्षा मानकों के निर्धारण के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जा रही है।
नए एसओपी का मुख्य उद्देश्य गंगा में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, मनमानी पर अंकुश लगाना और नावों व जहाजों की क्षमता के अनुसार ही टिकटों का वितरण कराना है। खराब मौसम के दौरान परिचालन पूरी तरह रोकने, घाटों पर साफ-सफाई रखने और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेटरों की सीधी जवाबदेही तय होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी आर्थिक दंड और गंभीर लापरवाही पर लीज तुरंत निरस्त करने का प्रावधान किया जा रहा है।
राज्य परिवहन आयुक्त सह निदेशक (अंतर्देशीय जल परिवहन निदेशालय) आरिफ अहसन ने संबंधित विभागों, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI), राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों को पत्र भेजकर 15 दिनों के भीतर सुझाव देने को कहा है। साथ ही संबंधित जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि भागलपुर जिले में तिनतंगा, सुल्तानगंज, कहलगांव और बटेश्वरनाथ में कम्युनिटी जेटियां स्थापित हैं।
प्रशासनिक व वित्तीय निगरानी के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति
कम्युनिटी जेटियों के पारदर्शी संचालन, वित्तीय प्रबंधन और नियमित प्रशासनिक निगरानी के लिए राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय संचालन समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष परिवहन विभाग के वरिष्ठ प्रतिनिधि होंगे, जबकि विभाग के नामित अधिकारी सदस्य सचिव एवं संयोजक की भूमिका निभाएंगे।
गंगा कम्युनिटी जेटी नया SOP: मुख्य रूपरेखा
कुल दायरे में शामिल: 11 जिलों के 21 नवनिर्मित कम्युनिटी जेटी।
भागलपुर जिले की जेटियां: तिनतंगा, सुल्तानगंज, कहलगांव और बटेश्वरनाथ (कुल 4 जेटियां)।
सुझाव की समय-सीमा: संबंधित विभागों और हितधारकों को 15 दिनों के भीतर अपनी राय देनी होगी।
राजस्व बंटवारा: संचालक (65%) : सरकारी प्राधिकरण (35%)।
वित्तीय कड़ाई: लगातार दो महीने तक लीज शुल्क न देने पर 12% सालाना ब्याज; एक वर्ष में तीन बार चूक पर अनुबंध सीधे रद्द।
सुरक्षा मानक: जहाजों की क्षमता अनुसार टिकट, लाइफ सेविंग इक्विपमेंट की अनिवार्यता, खराब मौसम में परिचालन बंद करने की स्पष्ट जिम्मेदारी।
इस समिति में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI), बुडको (BUIDCO) और संबंधित सरकारी उपक्रमों के विशेषज्ञ प्रतिनिधि शामिल होंगे। स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय के लिए आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों को भी समिति की बैठकों में आमंत्रित किया जाएगा।
आय में 35% हिस्सा सरकार का
प्रस्तावित एसओपी के तहत कम्युनिटी जेटियों के संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी खुली निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के जरिए लीज पर निजी संचालकों को दी जाएगी। इसके लिए संबंधित जिले के डीटीओ वित्तीय शर्तों, भुगतान शेड्यूल और उल्लंघन पर पेनल्टी का पूरा मसौदा तैयार करेंगे, जिसे संचालन समिति से मंजूरी दिलाई जाएगी।
भुगतान में चूक पर 12% ब्याज
वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। यदि संचालक लगातार दो महीने तक लीज शुल्क का भुगतान नहीं करता है, तो उसे अगले माह तक पूरी बकाया राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ चुकानी होगी। एक वर्ष में तीन बार निर्धारित समय पर किस्त जमा न करने या लगातार चूक होने पर अनुबंध सीधे समाप्त कर दिया जाएगा। वहीं, जेटी के उपयोग से होने वाली अतिरिक्त व्यावसायिक आय में ऑपरेटर को 65 प्रतिशत और संबंधित सरकारी प्राधिकरण को 35 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।
