विक्रमशिला पुल पर रोक के बाद बियाडा से जहान्वी चौक के बीच फेरी सेवा शुरू, दलदल और ऊंचे फर्श से लोग परेशान
विक्रमशिला पुल के पुनर्स्थापना कार्य के कारण बेली ब्रिज खुलने के बाद बियाडा घाट से जहान्वी चौक घाट के बीच फेरी सेवा शुरू हो गई है।

बियाडा से जहान्वी चौक के बीच फेरी सेवा शुरू
HighLights
विक्रमशिला पुल के पुनर्स्थापना कार्य के बाद फेरी सेवा शुरू हुई।
यात्रियों को घाट तक पहुंचने और बाइक चढ़ाने में हुई परेशानी।
जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए मजिस्ट्रेट और एसडीआरएफ तैनात किए।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला पुल के पुनर्स्थापना कार्य को लेकर बेली ब्रिज खुलने के बाद गुरुवार से बियाडा घाट से जहान्वी चौक घाट के बीच फेरी सेवा शुरू कर दी गई। सुबह पहली फेरी जहाज स्वामी परमहंस 6:28 बजे जहान्वी चौक के लिए रवाना हुई। जहाज पर 300 से अधिक यात्री और 100 से अधिक बाइक सवार सवार हुए। पहली फेरी के लिए सुबह पांच बजे से ही यात्री घाट पहुंचने लगे थे।
बियाड़ा गेट से घाट तक पैदल पहुंचने में परेशानी
बियाड़ा गेट से ही आटो और टोटो की आवाजाही बंद कर दी गई थी। यात्रियों को करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर घाट तक पहुंचना पड़ा। सामान लेकर पहुंचे यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई।

घाट से करीब 500 मीटर पहले टिकट काउंटर बनाया गया है। टिकट लेने के बाद ही बाइक सवारों को घाट की ओर जाने दिया जा रहा था। यहां पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
बाइक चढ़ाने में जेटी नहीं होने से बढ़ी मुश्किल
यात्रियों के जहाज पर चढ़ने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन बाइक सवारों को जहाज पर चढ़ाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। जहाज का फर्श जमीन से करीब सात से आठ फीट ऊंचा होने के कारण बाइक चढ़ाने के लिए कोई जेटी नहीं लगाई गई थी।
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आपदा मित्र और जहाज के कर्मचारियों ने बाइक को पकड़कर यात्रियों की मदद की। गंगा का जलस्तर बढ़ने और हाल में यात्रियों की आवाजाही के कारण जमीन के दलदली हो जाने से परेशानी और बढ़ गई।
एक घंटे बाद खुली दूसरी फेरी, यात्रियों को करना पड़ा इंतजार
पहली फेरी के बाद दूसरी जहाज 7:30 बजे रवाना हुई। इसके बाद घाट पर जहाज नहीं रहने से यात्रियों को वेटिंग रूम में इंतजार करने की घोषणा की गई। जिला प्रशासन के नियंत्रण कक्ष से लगातार यात्रियों को निर्धारित नियमों का पालन करने की सूचना दी जाती रही।
डीएम-एसएसपी ने लिया व्यवस्था का जायजा
सुबह जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव समेत अन्य पदाधिकारियों ने घाट पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। जहाज पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है। आपदा मित्र भी मौजूद हैं।

यात्रियों को डेक के पास जाने और जहाज पर सेल्फी लेने से मना किया गया है। सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। गंगा में एसडीआरएफ की टीम नाव से निगरानी कर रही है।
शिक्षकों को स्कूल और नौकरी पर समय से पहुंचने की चिंता
फेरी सेवा शुरू होने से सबसे अधिक चिंता रोजाना आवागमन करने वाले शिक्षकों और नौकरीपेशा लोगों में दिखी। शिक्षकों ने बताया कि पहले नाव से कम समय में गंगा पार हो जाती थी। अब जहाज के निर्धारित समय पर चलने और घाट तक पैदल पहुंचने में लगने वाले समय के कारण स्कूल और कार्यालय में समय पर पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

शिक्षकों ने बताया कि वे इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिलाधिकारी को आवेदन देकर दोनों तरफ सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन व्यवस्था कराने की मांग करेंगे, ताकि वापसी के समय भी यात्रियों को परेशानी नहीं हो।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि फेरी सेवा को लेकर प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्था की गई है। मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती के साथ एसडीआरएफ की टीम भी गंगा में निगरानी कर रही है।
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