भागलपुर [रजनीश]। मालदा मंडल का विक्रमशिला और कहलगांव रेलवे स्टेशन को रेलवे हेरिटेज स्टेशन के रूप में विकसित करेगा। रेलवे ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। भागलपुर की तरह विक्रमशिला स्टेशन को भी विक्रमशिला विश्वविद्यालय की तरह विकसित किया जाएगा। यहां के ऐतिहासिक धरोहर को फिर से संवारा जाएगा। रेलवे का मानना है कि युवा और आने वाली पीढ़ी यहां के इतिहास को अच्छे से जान सकेंगे।

दरअसल, पहले विक्रमशिला एक छोटा स्टेशन था। डेढ़ साल पहले इस स्टेशन को जीर्णोद्धार कर नया भवन बनाया गया। स्टेशन से करीब आठ किमी की दूरी पर विक्रमशिला विवि है। यहां देश-विदेश से पर्यटक और बौद्ध धर्मावलंबी पहुंचते हैं। ऐसे में इस स्टेशन को विकसित करने का रोडमैप तैयार किया गया है। वहीं, कहलगांव स्टेशन अंग्रेज जमाने का स्टेशन है। इस स्टेशन का भवन अंग्रेज जमाने का ही बना हुआ है। बाद में रंगरोगन कर इसे खूबसूरत बनाने का प्रयास किया गया। अनुमंडल होने के साथ यहां एनटीपीसी भी है। इस कारण इस स्टेशन से हर दिन 20 हजार के आसपास यात्री आवागमन करते हैं।

कार्ययोजना तैयार, अंतिम रूप देने की तैयारी

दोनों स्टेशनों के रिमॉडलिंग का काम शुरू कर दिया गया है। मालदा रेल के प्रभारी डीआरएम पीके मिश्रा ने ने बताया कि दोनों स्टेशनों को विकसित करने पर सहमति दे दी गई है। रेल इजीनियरों की टीम विक्रमिशला स्टेशन आकर जायजा लेगी।

ट्रेनों का ठहराव भी बढ़ेगा

अभी विक्रमशिला रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव बहुत कम है। रेलवे स्टेशन को जीर्णोद्धार करने के बाद यहां ट्रेनों का ठहराव भी देगा। ताकि यहां आने वाले लोगों को सहूलियत हो सके।

स्टेशन की दीवारों पर दिखेंगे धरोहर की झलकियां

विक्रमशिला स्टेशन की दीवारों पर यहां के ऐतिहासिक धरोहरों की झलकियां दिखेगी। वेटिंग हॉल, प्लेटफॉर्म और सर्रकुलेटिंग एरिया में तस्वीरें लगाई जाएगी।

क्वार्टर भी होंगे दुरुस्त

कहलगांव रेलवे स्टेशन पर रेल कर्मियों के बने रेल क्वार्टरों को भी दुरुस्त किया जाएगा। यहां के क्वार्टर भी मॉडल रेल कॉलोनियों की तरह बनाए जाएगा। इसके लिए रेलवे ने प्रारूप तैयार कर दिया है।

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