भागलपुर [जेएनएन]। विश्वविद्यालय एक परिवार है और सभी अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी इस परिवार के सदस्य हैं। सभी को अपने-अपने स्तर से विश्वविद्यालय के विकास में योगदान देना है। सभी सदस्यों के बीच आपसी सहयोग एवं विश्वास से ही विश्वविद्यालय आगे बढ़ेगा। यह बात कुलपति डॉ. अवध किशोर राय ने कही। वे विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस पहली बैठक में उन्होंने सबका साथ, सबका विश्वास और विश्वविद्यालय का विकास के नारे को पुनः दुहराया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वे विश्वविद्यालय पर कोई भी निर्णय ऊपर से थोपेंगे नहीं। सभी काम लोकतांत्रिक तरीके से नियम-परिनियम के अनुरूप संपादित करेंगे। वही काम करेंगे, जो विश्वविद्यालय के लिए हितकारी होगा। सभी कार्यों में स्वच्छता एवं पारदर्शिता रखी जाएगी।

कुलपति ने कहा कि बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम में सभी अधिकारियों के अधिकार एवं कर्तव्य सुनिश्चित हैं। सभी अपने-अपने अधिकारियों एवं कर्तव्यों का ध्यान रखें और एक-दूसरे की भावनाओं को समझने का प्रयास करें। अपने व्यक्तिगत अहंकार को किसी भी कार्य में बाधक नहीं बनने दें। जहाँ कहीं भी कोई समस्या हो आपसी संवाद से उसे सुलझाने का प्रयास करें।

सिंगल विंडो सिस्टम

कुलपति ने कहा कि सभी अधिकारी विद्यार्थियों के हितों का खास ख्याल रखें। यह सुनिश्चित करें कि किसी भी विद्यार्थी को कोई परेशानी नहीं हो और किसी को भी अनावश्यक रूप से विश्वविद्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े। इसके लिए विश्वविद्यालय में सिंगल विंडो सिस्टम की शुरुआत की जाएगी।

फाइलों का त्वरित निष्पादन

कुलपति ने विश्वविद्यालय में फाइलों को तीव्र गति से निष्पादित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी टेबल पर कोई भी सामान्य फाइल तीन दिनों से अधिक नहीं रूकनी चाहिए और विशेष परिस्थितियों में अधिकतम सात दिनों के अंदर फाइलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

नैक मूल्यांकन

कुलपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय बिहार का एक प्रमुख विश्वविद्यालय है। इस विश्वविद्यालय में विकास की असीम संभावनाएं हैं। इसे नैक से 2.50 सीजीपीए के साथ सम्मानजनक बी ग्रेड प्राप्त है। यहाँ के दो कॉलेजों को नैक से ए ग्रेड मिला है। वे चाहेंगे कि अन्य महाविद्यालयों का भी नैक से मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए।

यूएमआईएस

कुलपति ने कहा कि राजभवन के निदेशानुसार राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में यूनिवर्सिटी इन्फार्मेशन मेनेजमेन्ट सिस्टम (यूएमआईएस) लागू किया गया है। इसका समेकित इस्तेमाल किया जाएगा और धीरे-धीरे सब कुछ डीजिटलाइज्ड कर दिया जाएगा। इस विश्वविद्यालय में भी इसके तहत स्नातक में नामांकन की प्रक्रिया जारी है। इसके तहत लगभग 40 हजार 800 विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है। जो विद्यार्थी अब तक नामांकन नहीं ले पाए हैं, उनके लिए ऑनलाइन पोर्टल खुला है। आगे 21 सितंबर से स्नातकोत्तर में आॅनलाइन नामांकन की शुरुआत होगी। साथ ही सभी वोकेशनल एवं प्रोफेशनल कोर्स और पी-एच. डी. नामांकन टेस्ट भी आॅनलाइन संपादित किया जाएगा।

सत्र नियमितिकरण

बैठक में सत्र नियमितिकरण को लेकर विशेष चर्चा हुई। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि स्नातक प्रथम खंड एवं द्वितीय खंड का परीक्षाफल जारी किया जा चुका है। तृतीय खंड में वाणिज्यि एवं विज्ञान का परीक्षाफल जारी किया जा चुका है और शीघ्र ही कला का परीक्षाफल भी जारी कर दिया जाएगा। कुलपति ने कहा कि सभी लंबित परीक्षाओं के अविलंब संचालन और सत्र नियमितिकरण पर जोर दिया। उन्होंने स्नातकोत्तर की उत्तर पुस्तिकाओं का परीक्षा समाप्ति के पांच दिनों के अंदर मूल्यांकन संपन्न कराने के निदेश दिए और इसमें स्नातकोत्तर की पढ़ाई वाले महाविद्यालय के शिक्षकों को भी जोड़ने पर बल दिया।

छात्र संघ चुनाव

बैठक में छात्र संघ चुनाव के सफल संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। डीएसडब्लू ने बताया कि पुराना छात्र संघ भंग हो चुका है। आगे नए चुनाव अधिकारी एवं चुनाव संचालन समिति का गठन किया जाना है। उन्होंने सितंबर-अक्तूबर में दो चरणों में चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया। यह निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही चुनाव के संबंध में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

वित्त समिति एवं सिंडीकेट की बैठक

बैठक में शीघ्र वित्त समिति एवं सिंडीकेट की बैठक आयोजित करने पर विचार किया गया। कुलसचिव ने बताया कि सिंडीकेट की गत बैठक 20 जुलाई को संपन्न हुई थी। उसमें लिए गए निर्णयों की संतुष्टि की प्रक्रियाधीन है। कुलपति ने उन्हें निदेशित किया कि सभी संबंधित अधिकारियों को पाँच दिनों के अंदर संपुष्टि रिपोर्ट जमा करने हेतु पत्र जारी करें और आगामी बैठक की कार्यावली तैयार करते हुए बैठक की तिथि निर्धारित करने हेतु प्रस्ताव बढ़ाएँ।

सेवानिवृत कर्मियों पर खास ध्यान

बैठक में कुलपति एवं प्रति कुलपति दोनों ने सेवानिवृत्ति शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। कुलसचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही उनके सेवांत लाभ का भुगतान किया जा रहा है। सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों से संबंधित बहुत कम मामले लंबित हैं और ऐसे मामलों का भी यथाशीघ्र निष्पादन कर दिया जाएगा।

उपस्थिति : इस अवसर पर टीएमबीयू के प्रति कुलपति को डॉ. रामयतन प्रसाद, वित्तीय परामर्शी पीके. झा, डीएससडब्ल्यू डॉ. योगेन्द्र, कुलानुशासक डॉ. विलक्षण रविदास, सीसीडी डॉ. केएम. सिंह, कुलसचिव कर्नल अरूण कुमार सिंह, लाइब्रेरी इंचार्ज डॉ. इकबाल अहमद, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरूण कुमार सिंह, महाविद्यालय निरीक्षक विज्ञान डॉ. रंजना, डॉ. संजय झा, विकास पदाधिकारी डॉ. अभयानंद सहाय, विश्वविद्यालय अभियंता मो. हुसैन, डॉ. पवन कुमार सिन्हा, डॉ. आनंद कुमार झा 'बल्लो', डॉ. दीपो महतो, डॉ. राजेश कुमार तिवारी आदि उपस्थित थे।

Posted By: Dilip Shukla

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