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ट्रिपल आईटी भागलपुर में बनेगी क्वांटम लैब, बिहार-झारखंड में अकेला संस्थान, देश की 23 लैब श्रृंखला में मिली जगह

Published: Tue, 28 Apr 2026 01:47 PM (IST)

भागलपुर के ट्रिपल आईटी को केंद्र सरकार के क्वांटम मिशन के तहत क्वांटम लैब की स्वीकृति मिली है। यह बिहार-झारखंड ...और पढ़ें

भागलपुर को बड़ी सौगात: ट्रिपल आईटी में क्वांटम लैब को मिली मंजूरी

भागलपुर को बड़ी सौगात: ट्रिपल आईटी में क्वांटम लैब को मिली मंजूरी

HighLights

  1. ट्रिपल आईटी भागलपुर को क्वांटम लैब की स्वीकृति मिली।

  2. बिहार-झारखंड का एकमात्र संस्थान, देश की 23 लैब में शामिल।

  3. तकनीकी विकास, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर स्थित ट्रिपल आईटी को क्वांटम लैब की स्वीकृति मिल गई है। देशभर में स्थापित की जा रही 23 क्वांटम लैब की श्रृंखला में बिहार और झारखंड से केवल भागलपुर को शामिल किया गया है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।

यह पहल केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी क्वांटम मिशन के तहत की जा रही है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। इसका उद्देश्य देश को अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना है।

तीन चरणों में विकसित होगी लैब

क्वांटम लैब को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में क्वांटम भौतिकी आधारित बुनियादी ढांचा, क्रायोजेनिक सिस्टम और लेजर सेटअप स्थापित किए जाएंगे।

दूसरे चरण में क्वांटम कंप्यूटिंग, सुरक्षित संचार और सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर शोध कार्य शुरू होगा। तीसरे चरण में उद्योगों के साथ सहयोग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और तकनीक हस्तांतरण पर विशेष जोर दिया जाएगा।

सूक्ष्म डिवाइस और लेजर तकनीक पर फोकस

इस लैब में अल्ट्रा-स्मॉल चिप डिजाइन, सेंसर तकनीक और लेजर आधारित पावर ट्रांसफर पर काम किया जाएगा। पारंपरिक तार आधारित पावर सप्लाई की जगह लेजर लाइट के माध्यम से ऊर्जा संचार की तकनीक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल उपकरणों की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि वायरलेस तकनीक को भी नई दिशा मिलेगी।

क्या है क्वांटम लैब

क्वांटम लैब एक उन्नत प्रयोगशाला होती है, जहां क्वांटम भौतिकी के सिद्धांतों पर आधारित शोध किया जाता है। इसमें परमाणु और उप-परमाणु स्तर पर कणों के व्यवहार जैसे सुपरपोजिशन और एंटैंगलमेंट का अध्ययन किया जाता है। इसी आधार पर भविष्य की तकनीकों—जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन और क्वांटम सेंसर—का विकास होता है, जो डिजिटल और संचार क्रांति की नई आधारशिला माने जा रहे हैं।

सुरक्षा और तकनीकी क्षमता होगी मजबूत

क्वांटम तकनीक का उपयोग देश की सुरक्षा, संचार, बैंकिंग, स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाएगा। सुरक्षित डेटा ट्रांसफर, तेज गणना और सटीक मापन जैसी क्षमताएं इससे संभव होंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक भविष्य में रक्षा क्षेत्र को भी अधिक हाईटेक और सक्षम बनाएगी।

अनुसंधान और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

इस लैब की स्थापना से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक तकनीक पर काम करने का अवसर मिलेगा। इससे नवाचार, स्टार्टअप और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में तकनीकी कौशल विकास का एक मजबूत केंद्र विकसित होगा।

पूर्वी भारत के लिए बनेगा प्रमुख केंद्र

यह क्वांटम लैब न केवल बिहार, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्र के रूप में उभरेगी। इससे क्षेत्र की तकनीकी पहचान मजबूत होगी और राष्ट्रीय स्तर पर इसकी भूमिका बढ़ेगी।

परियोजना का आकार और स्वीकृति

यह लैब करीब 3200 वर्ग फीट क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने स्वीकृति दी है। 10 अप्रैल 2026 को पांच वर्षों के लिए यह प्रोजेक्ट ट्रिपल आईटी भागलपुर को दिया गया है। जल्द ही इसके लिए फंडिंग जारी होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, ट्रिपल आईटी भागलपुर में क्वांटम लैब की स्थापना क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो भविष्य की तकनीकों के विकास और देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

यह संस्थान और भागलपुर सहित बिहार के लिए गौरव की बात है। भागलपुर में इसकी स्थापना से यह क्षेत्र अब राष्ट्रीय तकनीकी मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।

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- डा. धीरज सिन्हा, प्रोजेक्ट को आर्डिनेटर क्वांटम लैब, ट्रिपल आइटी भागलपुर

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