जागरण सवांददाता, भागलपुर। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अभी मायागंज तैयार नही है। जिला अस्पताल में तो डॉक्टर और संसाधन की कमी से इलाज ही नही हो पाता है। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर से निपटने के लिए असपतालों में आवश्यक तैयारी करने का निर्देश भी दिया है।

मायागंज अस्पताल में एमसीएच वार्ड बच्चों के इलाज के लिए ही बनाया गया था। लेकिन 2020 में भी वार्ड में कोरोना मरीजो का इलाज किया गया, अभी भी मरीज भर्ती हैं। ऐसा सरकार के निर्देश पर ही किया गया। तीसरी लहर में कोरोना की चपेट में आने वाले बच्चों के इलाज के लिए 10 बेड का आईसीयू बनाना है। इसके लिए कोलकाता की एजेंसी को काम भी सौपा गया है। अस्पताल अधीचक ने मई में ही जल्द आईसीयू बनाने का निर्देश भी दिया। बावजूद इसके कार्य प्रारंभ नही किया गया। आईसीयू में सभी बेड पर सेंट्रल पाइप लाइन से ऑक्सीजन पॉइंट को जोड़ना है। बताया गया कि दिल्ली से सामान उसने के बाद ही कार्य शुरू किया जा सकेगा। बताया गया कि सोमवार से कार्य शुरू होने वाला था लेकिन नहीं हो पाया। 10 दिन पूर्व एक दर्जन से ज्यादा चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद के लिए लंबी सूची अस्पताल अधीचक को दी गयी थी। अभीतक उपकरण विभाग में नही दिए गए हैं।

दूसरी तरफ सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में टीम बनाई गई है। टीम को पंचायत स्तर पर यह जानकारी लेनी है कि बच्चे बीमार तो नही हैं। कोरोना के लक्षण मिलते ही इसकी सूचना मुख्यालय को देनी है। ताकि बच्चे का समय रहते इलाज किया जा सके। वैसे जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था है ही नहीं। डॉक्‍टरों की भी कमी है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla