संवाद सूत्र, फारबिसगंज (अररिया)। फारबिसगंज थाना के अमहरा नहर के समीप से बैखोफ तीन अपराधियों ने हथियार के बल पर मोटरसाइकिल से मझुआ से अपने घर जा रहे मध्य विद्यालय के शिक्षक शंकर मंडल पिता रेशम लाल मंडल मझुआ वार्ड संख्या 11 निवासी का अपहरण कर लिया। घटना गुरुवार की देर रात की है। शिक्षक का अपहरण करने के बाद अपराधियों ने उनके स्वजनों को फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी और रुपये नहीं देने पर जान से मारने का धमकी भी दिया। लेकिन स्वजन अपहरणकर्ताओं के धमकी से भयभीत न होते हुए अविलंब अपहरण की जानकारी अररिया एसपी के मोबाइल पर उन्हें दिया। जिसके बाद अररिया एसपी अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में, डीएसपी अररिया, फारबिसगंज डीएसपी रामपुकार सिंह, थानाध्यक्ष फारबिसगंज निर्मल कुमार यादव यादवेन्दु के साथ चार थानों की पुलिस अपराधियों की तलाश एवं अपहृत शिक्षक को छुड़ाने के लिए छापेमारी करती रही।

तकनीकी शाखा अररिया के पुलिस कर्मी के सहयोग से अपहरण गए किए गए शिक्षक को ताराबाड़ी थाना के खमगढ़ा गांव से शुक्रवार की सुबह चार बजे बरामद किया गया। इस दौरान एक अपराधी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिसके पास से अपहृत शिक्षक का मोबाइल एवं मोटरसाइकिल भी बरामद हुआ है। उक्त जानकारी फारबिसगंज थाना में शुक्रवार को अररिया एसपी अशोक कुमार सिंह ने देते हुए बताया कि अपहृत शिक्षक को सकुशल बरामद कर लिया गया है।

अपहरण में शामिल तीन अपराधी में से दो अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे हैं। जबकि एक अपराधी जितेंद्र साह पिता दिलीप साह अमहारा वार्ड संख्या 9 निवासी को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने कहा कि अपहरण में शामिल अन्य दोनों अपराधियों की भी पुलिस पहचान कर चुकी है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में शामिल थानाध्यक्ष सिमराहा साजिद आलम, फारबिसगंज थाना के दरोगा कारे पासवान, ओपी अध्यक्ष उमेश कुमार, कुर्साकाटा थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार के अलावा उक्त पुलिस पदाधिकारियों को एसपी ने पुरस्कृत करने की भी बात कही है।

अपराधी शिक्षक की पिटाई भी करते रहे

अपहरण के दौरान अपराधियों ने शिक्षक शंकर मंडल का पिटाई भी किया। जिसके कारण वह जख्मी भी हो गए है। बरामदगी के बाद उनके चेहरे व शरीर के अन्य जगहों पर जख्म साफ नजर आ रहे थे। शिक्षक ने बताया कि वह मध्य विद्यालय के शिक्षक के साथ-साथ दवा का भी काम करते हैं। अपराधियों ने जब उसे नहर के पास से अपहरण किया उसी समय अपराधियों ने उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। अपराधी उसी के मोबाइल से ही उसके स्वजनों से बातचीत कर रहे थे। अपहरण के बाद जब अपराधियों ने फिरौती के रुपये की मांग की तो उलझाने के लिए स्वजनों रुपये का फोटो भी अपराधी को मोबाइल पर भेजा। रात भर पुलिस छापेमारी करती रही और शिक्षक के स्वजन अपराधी को उलझाए रखने का काम करते रहे।

स्वजनों ने हिम्मत नहीं हारी और पुलिस को पूरा सहयोग किया। शिक्षक ने बताया कि वह अपराधियों को पहचान भी गए थे। जिससे उन्हें अपराधियों के द्वारा जान से मारने का भी डर सता रहा था। हालांकि स्वजनों के सूझबूझ और पुलिस के अविलंब कार्रवाई के कारण वह सकुशल अपराधियों के चंगुल से मुक्त हो गए। थाना में एसपी ने कहा कि पुलिस को कार्रवाई में गांव के जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने भी काफी सहयोग प्रदान किया है। लोगों के सहयोग से ही पुलिस ने सफलता प्राप्त की है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla