मुंगेर (रजनीश)। बिहार की राजनीति के लिए हाट सीट बनी तारापुर उप चुनाव में महज सात दिन शेष हैं। तारापुर की रणभूमि पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। सभी दलों के चुनावी योद्धा मैदान में पूरी तरह कूद चुके हैं। सता और विपक्ष की ओर से बड़े-बड़े नेता पहुंच गए हैं, कई और पहुंचने वाले हैं। तारापुर में 30 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। 28 अक्टूबर को चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। हालांकि, इस बार आसमानी और जमीनी शोर बहुत ज्यादा नहीं है। जमीन पर एक्चुअल प्रचार रंग ला रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों की रणनीति बदल गई है। एनडीए और राजद की ओर से तीन स्तर पर प्रचार कार्य दिख रहा है। प्रत्याशी और कार्यकर्ता ज्यादा से ज्यादा जनसंपर्क करने में जुटे हैं। बड़े नेताओं की नुक्कड़ सभाएं हो रही है। तारापुर में 25 और 26 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कार्यक्रम तय है। इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय इस्पात मंत्री तारापुर में भम्रण कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर जनसंपर्क और नीतीश का चेहरा ही प्रत्याशियों का संबल है।

सुशील मोदी और दोनों डिप्टी सीएम रहेंगे

शनिवार से तारापुर में एनडीए नेताओं का चेहरा बढ़ेगा। राज्य सभा सदस्य पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी रविवार को तारापुर पहुंच रहे हैं। यहां बैठक के बाद पद यात्रा और रोड शो भी करेंगे। डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी शनिवार से लगातार क्षेत्र में रहेंगे। जमुई विधायक श्रेयसी सिंह भी शनिवार से क्षेत्र में होंगी। डिप्टी सीएम रेणु देवी रविवार को चुनाव प्रचार करेंगे। चुनावी शोर थमने के पहले अब लगभग रोज ही कोई न कोई बड़े नेता आते रहेंगे। इसके अलावे कुनबाई आधार पर वोटरों को सेट करने के लिए दूसरे राज्यों के भी नेताओं को लगाया जा रहा है। इस चुनाव में जदयू की ओर से स्वभाविक तौर पर प्रचार का सबसे बड़ा चेहरा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। वे इस चुनाव में भी एनडीए का चेहरा हैं।

महागठबंधन का इकलौता चेहरा तेजस्वी

महागठबंधन में भी जनसंपर्क ही सबसे बड़ा प्रचार का हथियार बना हुआ है। महागठबंधन की ओर से अभी तक प्रचार का सबसे बड़ा चेहरा तेजस्वी यादव ही हैं। तारापुर विधानसभा क्षेत्र में तीन दिन तेजस्वी कैंप कर चुके हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी को राजद ने चुनाव प्रभारी बनाया है। विपक्ष की ओर से हर पंचायत में विधायक, पूर्व विधायकों को लगाया गया है। झारखंड के भी राजद विधायक पहुंचे हैं।

कांग्रेस भी पीछे नहीं

इस बार महागठंबधन से हटकर कांग्रेस ने स्वर्ण समुदाय से प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से राज्यसभा सदस्य सह पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश सिंह दो चुनावी सभाएं कर चुके हैं। कांग्रेस के युवा नेता कन्हैया कुमार और कई दिग्गज की सभा भी होनी है। कांग्रेस इस बार पुरानी विरासत को फिर से लाने के लिए हर प्रयास कर रही है। लोजपा की ओर से अभी तक कोई बड़ा नेता प्रचार-प्रसार करने नहीं पहुंचे हैं। कहा जा रहा है कि चिराग पासवान शीघ्र यहां आएंगे। 

Edited By: Dilip Kumar Shukla