संवाद सहयोगी, मुंगेर : मुफस्सिल थाना इलाके के टीकरामपुर दियारे में सुनील यादव उर्फ सुनील राय की तूती बोलती थी। सुनील के डर से ग्रामीण खौफजदा रहते थे। गिरफ्तारी के बाद दियारा क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। गिरफ्तारी के बाद फसल लूट और अवैध रूप से भूमि कब्जा करने के मामले में फिलहाल विराम लग गया है।

सुनील पर हत्या, लूट के कई मामले में दर्ज है। कई मामलों में फरार चल रहा था। कुछ वर्ष पहले ही में जेल में लंबी सजा काटकर निकला था। जेल से निकलने के बाद फिर से साम्राज्य बनाने लगा था। सुनील राय के आंतक से ग्रामीणो में दहशत का महौल था। सुनील ने जयराम की दुनिया में चाचा की हत्या कर एंट्री ली थी। सात वर्ष की मुंगेर के मंडल मंडल कारा में काटा।

पसराहा के समीप अपने सहयोगियो के साथ ट्रेन लूट मामले में वह शामिल रहा है। हत्या के तीन लूट सहित एक दर्जन से अधिक मामले खगड़िया और मुंगेर के मुफस्सिल थाना में दर्ज है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिन्हा ने कहा सुनील राय काफी समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस ने दो दिन पूर्व रात के अधेरे में घर से दबोच लिया। सुनील का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। दूसरे जिले के थानों में दर्ज मामले की भी जांच की जा रही है।

कब कहां दिया घटना को अंजाम

  • -छह नवंबर 2021 को टीकारामपुर दियारा में जमीन कब्जा को लेकर सहयोगियो ताबड़तोड़ गोलीबारी
  • -2013 में अपने चाचा गाजो राय की हत्या गोली मार कर दी थी।
  • -2012 में पसराहा स्टेशन पर सहयोगी के साथ ट्रेन में लूटपाट
  • -21 अप्रैल 2005 को हत्या का मुकदमा मुफस्सिल थाना में दर्ज
  • -मार्च 2007 में हत्या का मुकदमा मुफस्सिल में दर्ज किया गया

कई ऐसे मामले हैं, जिसे ये अंजाम दे चुका है। गिरफ्तारी के बाद उनका भी खुलासा होने की उम्मीद है कि और कितने मामलों में उसकी संलिप्तता रही है। इधर, सुनील यादव की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने चैन की सांस ली है। वहीं पुलिस महकमा उसकी गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रहा है।

Edited By: Shivam Bajpai