विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सृजन घोटाले में बड़ा एक्शन: क्लर्क अमरेंद्र यादव बर्खास्त, भविष्य में नहीं कर सकेंगे सरकारी नौकरी

Published: Sat, 12 Sep 2026 08:04 PM (IST)Updated: Sat, 12 Sep 2026 08:14 PM (IST)

सृजन घोटाले से जुड़े वित्तीय अनियमितता मामले में भागलपुर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।

HighLights

  1. नाजिर के पद पर कार्यरत अमरेंद्र कुमार यादव बर्खास्त।

  2. भविष्य में नहीं कर पाएंगे सरकारी नौकरी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। सृजन घोटाले से जुड़े वित्तीय अनियमितता के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

जिला नजारत शाखा में लिपिक सह नाजिर के पद पर कार्यरत अमरेंद्र कुमार यादव को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यवाही में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद बर्खास्तगी का आदेश जारी किया है। यह दंड भविष्य में सरकार के अधीन किसी भी नियोजन के लिए भी निरर्हता के रूप में प्रभावी होगा।

मामला वर्ष 2017 में सामने आए सृजन घोटाले से संबंधित वित्तीय लेन-देन और सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है।

उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, इस प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भी की गई थी। मामले में अमरेंद्र कुमार यादव के विरुद्ध भी आरोप लगाए गए थे।

amrendra yadav

नाजिर रहे अमरेंद्र यादव की फाइल फोटो।

इसके बाद विभागीय स्तर पर भी उनके विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गई। विभागीय कार्यवाही के दौरान उनके विरुद्ध लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच की गई।

इस दौरान उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। संबंधित कर्मी को अपना पक्ष रखने और बचाव प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया।

सेवा से बर्खास्त करने का आदेश

संचालन पदाधिकारी ने जांच पूरी करने के बाद अपना प्रतिवेदन सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। जांच प्रतिवेदन में वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित आरोप प्रमाणित पाए गए।

वहीं, अमरेंद्र कुमार यादव की ओर से प्रस्तुत स्पष्टीकरण और बचाव को संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने उपलब्ध अभिलेखों और विभागीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर अंतिम निर्णय लेते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया।

बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है। बर्खास्तगी के साथ ही संबंधित कर्मी के लिए भविष्य में सरकार के अधीन नियोजन का रास्ता भी बंद हो गया है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि सरकारी राशि और संसाधनों से जुड़े मामलों में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितता के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति के तहत दोषी पाए जाने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- MDM डाटा अपडेट में लापरवाही पर बड़ा एक्शन! भागलपुर के 7 BRP और 123 स्कूलों को नोटिस, 24 घंटे में मांगा गया जवाब