भागलपुर [जेएनएन]। सुल्तानगंज इलाके के बाथ में नौ अप्रैल को हुई 'किसान श्री' संजय पंजीकार उर्फ श्याम जी की हत्या का पर्दाफाश पुलिस ने कर दिया। संजय की हत्या उनकी सगी भाभी अजय की पत्नी रूपा पंजीकार ने संपत्ति विवाद में करा दी थी। इसके लिए उसने मुंगेर जिला के तारापुर घोघाचक निवासी बंटी सिंह उर्फ फंटूस को एक लाख की सुपारी दी थी। इस घटना में संजय के जेसीबी चालक बांका जिला के शंभूगंज निवासी राजीव कुमारी चौधरी ने लाइनर का काम किया था। पुलिस ने रूपा, बंटी और राजीव को गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी एसएसपी आशीष भारती ने प्रेसवार्ता में दी।

सुपारी में 30 हजार नकद और 70 हजार का दिया था चेक

पुलिस को दिए अपने बयान में बंटी समेत अन्य आरोपितों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। एसएसपी ने बताया कि रूपा ने हत्या के लिए सुपारी के तौर पर तीस हजार नकद रुपये और 70 हजार का चेक बंटी सिंह को दिया था। इस घटना में कई और लोगों की तलाश पुलिस को है, जो इस मामले में संलिप्त हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। बुधवार को एक अभियुक्त को पुलिस पकडऩे के लिए गई। लेकिन वह चकमा देकर भागने में सफल रहा।

घर से निकलते ही रूपा ने दी शूटरों को जानकारी

घटना की रात संजय के घर से निकलते ही रूपा ने शूटरों तक फोन से जानकारी पहुंचाई। इसके पूर्व ही राजीव ने बंटी के साथ मिलकर हत्या की पूरी प्लानिंग कर ली थी। रूपा ने बताया कि सारी संपत्ति पर संजय ही अपना हक जताते थे। कुछ दिनों पहले उन्हें संजय ने बुरी तरह मारा पीटा था। इसका बदला लेने के लिए ही ऐसा किया था। तकनीकी जांच में इस बात की जानकारी पुलिस को हुई है। आरोपितों को पूर्व में ही इस बात का आभास हो गया था कि उन लोगों का भेद खुलने वाला है। इस कारण कुछ बदमाश पहले ही भाग निकले हैं।

संबंध के बिंदु पर पुलिस कर रही जांच

इस हत्याकांड में राजीव और रूपा के संबंधों पर भी पुलिस संदेह कर रही है। दोनों अक्सर आपस में बात करते थे। इस लेकर पुलिस दोनों के बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। पुलिस इस मामले में संपत्ति के अलावा अन्य बिंदुओं पर जांच की दिशा आगे बढ़ा रही है। वहीं एसएसपी ने प्राथमिकी अभियुक्त मुरलीधर झा के बारे में बताया कि आगे जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा। उस पर पुलिस कार्रवाई करेगी। ऐसा माना जा रहा है कि असल आरोपितों के गिरफ्तारी के बाद मुरलीधर को राहत मिल सकती है।

एसआइटी में शामिल पुलिस वाले होंगे पुरस्कृत

इस मामले की जांच के लिए डीआइजी विकास वैभव ने एसएसपी के नेतृत्व में भागलपुर और बांका के पुलिस अफसरों की टीम गठित की थी। इसमें डीएसपी विधि व्यवस्था निसार अहमद शाह समेत कई इंस्पेक्टर और दारोगा मौजूद थे। उन सभी को पुरस्कृत किया जाएगा।

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