जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिस प्रकार में हल्की चोटें आती है तो हम फस्र्ट एड द्वारा तत्काल राहत का इंतजाम करते हैं। ऐेसे में यदि हम मानसिक रुप से अशांत हो जाएं, परेशान हो जाएं तो हमें नहीं पता होता की हमें क्या करना चाहिए? इस स्थिति को मनोवैज्ञानिक बेहतर समझ सकते हैं। इसके निदान के लिए ही 'साइकोलाजिकल फस्र्ट एडÓ जरूरी होता है। यह बातें तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने गुरूवार को टीएनबी कालेज में आयोजित 'साइकोलाजिकल फस्र्ट एडÓ छह माह के सर्टिफिकेट कोर्स के शुरूआत पर कही।

कुलपति ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि है कि कोराना महामारी जैसे विकट परिस्थिति में पूरे बिहार में इस कोर्स टीएनबी कालेज में शुरू किया गया। इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. गुप्ता, प्रति-कुलपति प्रो. रमेश कुमार, टीएनबी कालेज प्राचार्य डा. संजय कुमार चौधरी, कुलसचिव डा. निरंजन प्रसाद यादव, पूर्व कुलपति प्रो. एनके वर्मा, पीजी मनोविज्ञान के हेड डा. राजेश कुमार तिवारी ने दीप जलाकर संयुक्त रुप से किया।

प्रतिकुलपति प्रो. रमेश कुमार ने कहा कि टीएनबी कालेज ही नहीं अन्य कालेजों को ऐसे कोर्स खोलने चाहिए। जो समय की मांग है। यूजीसी ऐसे कोर्सों को शुरू करने के लिए पर्याप्त सुविधाएं देती है। पूर्व कुलपति प्रो. वर्मा ने कहा कि इस तरह का कोर्स समय की मांग है। कोरोना के दौरान लोगों में मानसिक तनाव के मामले बढ़े हैं। ऐसे में यह कोर्स काफी फायदेमंद है। कुलसचिव डा. यादव ने तनाव कम करने के लिए मनोविज्ञान कैसे सहायक है। इसके बारे में जानकारी दी।

टीएनबी कालेज प्राचार्य डा. चौधरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति को टीएनबी के इतिहास से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कालेज में यह चौथा सर्टिफिकेट कोर्स है। मंच संचालन कालेज इंस्पेक्टर डा. संजय झा कर रहे थे। कोर्स के बारे में हेड डा. तिवारी ने संक्षिप्त ने बताया। उन्होंने कहा कि इसमें नामांकन के लिए कालेज में फार्म उपलब्ध है। यह कोर्स सेल्फ फाइनांस्ड है।

इस मौके पर कुलपति समेत अन्य अतिथियों से कोर्स से संबंधित ब्राउसर का विमोचन किया। इस मौके पर संबंधित विभाग की डा. श्वेता पाठक, डा. जनक श्रीवास्ताव, डा. मनोज कुमार, भुस्टा के अध्यक्ष डा. डीएन राय, डा. मनोज कुमार, डा. रतन मंडल, डा. मिथिलेश सिन्हा, डा. सरोज कुमार राय, डा. गरिमा त्रिपाठी, स्वीटी कुमारी समेत अन्य छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद थे।  

Edited By: Abhishek Kumar