'पहले गिर गाय का दूध पियो, फिर बात होगी': आरके सिन्हा के आत्मीय अंदाज को याद कर रो पड़े कार्यकर्ता, दी श्रद्धांजलि
Former Rajya Sabha MP RK Sinha Passes Away: भाजपा के संस्थापक सदस्य और पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का 30 ...और पढ़ें

Former Rajya Sabha MP RK Sinha Passes Away: विहिप नेता राकेश सिन्हा के साथ आरके सिन्हा।
HighLights
आरके सिन्हा का 30 अक्टूबर को दिल्ली में निधन।
भाजपा संस्थापक, पूर्व राज्यसभा सांसद, SIS के संस्थापक।
पटना में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि।
डिजिटल डेस्क, भागलपुर। Former Rajya Sabha MP RK Sinha Passes Away: भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शुमार, पूर्व राज्यसभा सांसद और देश की प्रमुख सुरक्षा एजेंसी 'एसआईएस' (SIS) के संस्थापक रवीन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) के निधन से देश और बिहार के सामाजिक-राजनीतिक गलियारों में गहरा शोक व्याप्त है।
70 के दशक से प्रखर राष्ट्रवाद, जनसेवा और संगठन को समर्पित आरके सिन्हा ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और नोएडा स्थित आवास से उनका इलाज चल रहा था।
उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और व्यापार जगत में शोक की लहर दौड़ गई। 30 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे उनका पार्थिव शरीर विशेष विमान से पटना लाया गया। पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित उनके आवास 'अन्नपूर्णा' पर उनके अंतिम दर्शन के लिए वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का तांता लग गया।
दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, पटना आवास पर पहुंचे गणमान्य
आरके सिन्हा के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, भागलपुर के विधायक रोहित पांडेय, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता राकेश सिन्हा, भाजपा नेता दिलीप मिश्रा, अर्जित कुमार चौबे, देवव्रत घोष, ओम भास्कर, दिलीप निराला, प्रिंस मंडल, अभिनव सिंह और दीपक शर्मा सहित कई प्रमुख नेता व कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी ने उनके सुपुत्र व भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा तथा शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।
अटल-आडवाणी के साथ संगठन को सींचा
मूल रूप से भोजपुर (आरा) के रहने वाले आरके सिन्हा का संपूर्ण जीवन संघर्ष, संकल्प और सिद्धि का अप्रतिम उदाहरण रहा। बाल स्वयंसेवक के रूप में संघ यात्रा शुरू करने वाले सिन्हा ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और डॉ. मुरली मनोहर जोशी जैसे शीर्ष नेताओं के कंधे से कंधा मिलाकर भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक नींव को मजबूत किया था।
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कार्यकर्ताओं के थे सच्चे अभिभावक
भागलपुर के विधायक रोहित पांडेय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आरके सिन्हा के निधन से उन्होंने अपना सच्चा अभिभावक खो दिया है। उन्होंने याद करते हुए बताया कि जब श्री गुरुजी जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आरके सिन्हा को बिहार प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, तब कोष और कार्यालय का दायित्व उन्हें (रोहित पांडेय) सौंपा गया था।
इस दौरान उनके साथ संगठन का सघन कार्य करने का सौभाग्य मिला। रोहित पांडेय ने कहा कि वे न केवल एक कुशल संगठनकर्ता थे, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता के सुख-दुख को आत्मीयता से समझते थे। उनके दरवाजे से कभी कोई निराश नहीं लौटा; उनके जाने से राजनीति की एक पूरी पीढ़ी का अंत हो गया है।
'पहले खाना खाया या नहीं?' आत्मीयता से जीत लेते थे सबका दिल
विहिप कार्यकर्ता राकेश सिन्हा ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि श्रद्धेय आरके सिन्हा का निधन उनकी व्यक्तिगत क्षति है। उनका नैसर्गिक स्नेह, आत्मीय व्यवहार और सहयोग की भावना सदैव अविस्मरणीय रहेगी।
राकेश सिन्हा ने भावुक होकर बताया, "वे उम्र और पद में मुझसे बहुत बड़े थे, लेकिन जब भी उनसे दिल्ली, देहरादून या पटना स्थित आवास पर भेंट होती थी, वे सबसे पहले गर्मजोशी से पूछते थे—'पहले यह बताओ खाना खाया या नहीं?' वे बिना जलपान या भोजन कराए किसी को विदा नहीं करते थे।"
उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक रैली भागलपुर में आयोजित हुई थी, तब भी आरके सिन्हा संगठन को मार्गदर्शन देने स्वयं भागलपुर पधारे थे।
गोसेवा और जैविक खेती के प्रति था अगाध समर्पण
राजनीति और व्यापारिक सफलता के साथ-साथ आरके सिन्हा का जीवन प्रकृति और सनातन मूल्यों के संवर्धन में बीता। उन्होंने उत्तराखंड के देहरादून में एक विशाल और आधुनिक गौशाला की स्थापना की थी, जहां 500 से अधिक देशी नस्ल की गाएं, विशेषकर गुजरात की प्रसिद्ध गिर गायों का वैज्ञानिक पद्धति से संवर्धन किया जाता है।
राकेश सिन्हा ने बताया कि एक बार जब वे देहरादून में उनसे मिलने पहुंचे, तो उन्होंने प्रेमपूर्वक कहा था, "पहले गिर गाय का शुद्ध दूध पियो, उसके बाद बात करेंगे।" आरके सिन्हा स्वयं सात्विक एवं जैविक खानपान के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने किसानों को रासायनिक खादों के कुप्रभाव से बचाने और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा इस दिशा में 'आद्या ऑर्गेनिक' की स्थापना कर कृषि स्वावलंबन का एक नया मॉडल पेश किया था। सांसद संपर्क अभियान के दौरान भी आरके सिन्हा से राकेश सिन्हा ने संपर्क कर घंंटों देश की राजनीति और हिंदुत्व पर चर्चा की थी।
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