जागरण संवाददाता, पूर्णिया। इंटरनेट मीडिया के नकारात्मक प्रभाव के किस्से भरे पड़े हैं। इस बीच कोरोना की लड़ाई में शामिल चिकित्सक, हेल्थ वर्कर, समाजसेवी के अलावा सोशल मीडिया भी इस समय सकारात्मक भूमिका निभा रही है। खास बात यह है कि पूर्णिया ही नहीं कटिहार, अररिया और किशनगंज के युवा भी फिलहाल अपने प्रोफेशन को विश्राम देकर इस विपदा की घड़ी में पूरे देश के लोगों की मदद विभिन्न रूपों से कर रहे हैं। इन दिनों फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप लोगों के लिए राहत का जरिया बन साथ चल रहा है। देश के सभी जगहों से मदद के लिए कोई गुहार लगा रहा है तो उनकी मदद के लिए हाथ भी बढ़ रहे हैं। इस प्रक्रिया को पूर्णिया के विकास आदित्य, अभिनव आनंद, अभिषेक झा, ज्योति झा, शुभम पोद्दार, ठाकुर दिव्यांशु, अभ्यम लाल, शान्तनु जयसवाल, कटिहार से- उत्कर्ष, पवन पोद्दार, तहसीन अली जैसे कई नाम है जो टीम पूर्णिया (कोविड) वाट्सअप ग्रुप बनाकर सोशल मीडिया के जरिए इसे आसान बनाने में मदद कर रहे हैं।

इस प्रकार मिल रही है मदद

इंटरनेट मीडिया पर लोग मरीजों के लिए रेमडेसीविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, हॉस्पिटल बेड, एंबुलेंस, दवाई, टेस्टिंग, ट्रांसपोर्ट आदि की मदद मांग रहे हैं, वहीं ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो दुख की इस घड़ी में खुलकर मदद कर रहे हैं। इस तरह की चीजें जहां राहत देती है। आपको हैरानी होगी इन लोगों की मेहनत को देखकर। सभी बीते कुछ दिनों से लगातार सेवा दे रहे हैं अभी तक इन लोगों की मदद में बिहार ही नहीं झारखंड, दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा और पंजाब से हजारों लोगों तक मदद आसानी से पहुंच रही है। खासकर महानगर में अकेले रहने वाले लोगों को इनसे इस अभियान में मदद मिल रही है।

कोरोना के समय बड़ा मददगार

इस समय जब कोरोनावायरस के संक्रमण की दूसरी लहर ने लोगों को बेहाल कर रखा है और दिन-ब-दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सभी अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई है। कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए खाना और सहूलियतें देकर भी मदद कर रहे हैं। इस आपदा के समय में सोशल मीडिया मदद मांगने वालों और करने वालों के बीच अहम कड़ी साबित हो रही है।

आपदा में हमेशा फ्रंट पर चलती है यह टीम

फिलहाल कोरोना की लड़ाई में जरूरतमंदों की मदद कर रहे विकास आदित्य जैसे कई ऐसे नाम भी हैं जो आपदा के समय हमेशा फ्रंट पर पहुंच लोगों को मदद करते हैं। चाहे पटना के बाढ़ के दौरान हुए जलजमाव के बीच लोगों तक राहत पहुंचाने और बिहार में आफत बनकर आई चमकी बुखार के दिनों में विकास व उनकी टीम ने मेहनत की काफी चर्चा हुई है।

टीम पूर्णिया (कोविड) के फाउंडर विकाश आदित्य कहते हैं कि हमारे टीम में लगभग एक दर्जन डॉक्टर भी है जो कोविड मरीज को हमेशा सलाह देने के लिए तैयार रहते है। कुछ पूर्णिया से है। कुछ पटना से है। कुछ दिल्ली से हैं। जिसमें एमबीबीएस, फिजियोथेरेपिस्ट, होमियोपैथीस्ट, साइकोलॉजिकल काउंसलर सभी तरह के डॉक्टर है। इस भीषण आपदा में अस्पतालों में बेड्स नहीं, ऑक्सीजन-वेंटिलेटर्स नहीं, जरूरी दवाइयां नहीं, जांच तक की प्रॉपर व्यवस्था नहीं, लोग परेशान इधर से उधर भटक रहे थे। ऐसे में हमने सिर्फ चीजों को व्यवस्थित करने की कोशिश की। हम लोग किसी अस्पताल में या कहीं भी पैरवी करने की स्थिति में नहीं हैं और न कर सकते हैं। हम तो सिर्फ सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में जो भी सुविधा है, वह लोगों तक मिल सके उसके लिए प्रयास कर रहे हैं।

 

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