भागलपुर [कौशल किशोर मिश्र]। कहीं बाढ़ तो कहीं सुखाड़ का मातम मना रहे नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के लोगों का लोकतंत्र के पर्व में उत्साह फीका था। अधिकांश लोग घरों, खेतों, खलिहानों में अपने कामों में लगे रहे। उन्हें जब मतदान के लिए कुछ दलीय कार्यकर्ताओं ने झकझोरा तो दोपहर बाद मतदान केंद्रों पर कतार में मतदान के लिए जा लगे। यह हाल नाथनगर के दियारा क्षेत्र की बात कौन कहे। कजरैली, गोड्डी, बादरपुर, परमानंदपुर, मोदीपुर, बैजानी, फुलवरिया, लोदीपुर, सरमसपुर कोहड़ा, जगदीशपुर प्रखंड के कई इलाकों में देखने को मिली।

लक्ष्‍मीनियां पुल के रास्ते मिले गजाधर तांती, सोहन पासी, हिसन पासवान आदि ने बताया कि पानी के अभाव में धान का रोपा नहीं हुआ। बाद में भारी बारिश हुई लेकिन उससे फायदा नहीं बल्कि लत वाली सब्जी को नुकसान ही हुआ। धान का रोपा नहीं होने से हम किसानों को काफी नुकसान हुआ। हमारे दर्द को पूछने कोई नहीं आया। इसलिए वोट देने के प्रति कोई उत्साह नहीं है। मतदान करेंगे या नहीं इस सवाल पर बताया कि कोई रुचि नहीं है। देखते हैं अभी बहियार में काम है, काम के बाद जब गांव लौटेंगे तब मतदान की सोचेंगे।

जगदीशपुर के कोला नारायणपुर, बाजार क्षेत्र और मुख्य मार्ग से सटे गांवों में मतदान के प्रति लोगों में उत्साह भी दिखा। कजरैली के सिमरिया और कुमरथ, विशनरामपुर के बूथों पर लोगों ने लंबी कतार लगाकर मतदान किया। सिमरिया के तीन बूथों 92, 93, 94 में मदरसा महमूदिया सिमरिया में मतदान करने वाले की लंबी कतार थी। बूथ संख्या 85 और 86 मध्य विद्यालय कुमरथ में भी मतदाताओं की लंबी कतार लगी थी। मध्य विद्यालय विशनरामपुर विद्यालय में महिलाओं की लंबी कतार बूथ संख्या 82 पर दिखी तो बूथ संख्या 83 पर इक्के-दुक्के ही मतदाता नजर आएं।

गणेशपुर तिनपुलिया में कुछ लोगों ने किया बहिष्कार

जगदीशपुर प्रखंड के गणेशपुर तिनपुलिया गांव के लोगों का बूथ प्राथमिक विद्यालय गणेशपुर में बूथ संख्या 122 और 123 में सिर्फ मतदानकर्मी ही दिखे। पूछने पर पता चला कि गणेशपुर तिनपुलिया गांव के लोग मतदान का बहिष्कार किए हुए हैं। दो दिन पूर्व तक उनके बहिष्कार के एलान का बाकायदा बैनर लगा रखा था। जिसे किसी ने हटवा दिया। लेकिन गांव के लोग बहिष्कार के निर्णय पर अड़े थे। गांव के राजेंद्र शर्मा, रोहिन मंडल, प्रभु मंडल, विक्रम पासवान, महेंद्र पासवान, हिगन पासवान, नवीन कुमार, राजेश राज, सहदेव पासवान, उत्तम पासवान आदि ने बताया कि उनके गांव का वेबसाइट पर नाम ही नहीं है।

अधिकारियों के पास किसी योजना के लिए जाने पर उन्हें यह कहकर वापस कर दिया जाता कि गणेशपुर तिनपुलिया गांव का अस्तित्व ही नहीं है। इसलिए उनलोगों ने मतदान नहीं करने का फैसला लिया है। इनलोगों ने बताया कि कुछ लोगों ने वोट डाला है लेकिन वो ग्रामीण नहीं हैं, बल्कि बाहर से हाल के दिनों में आकर बसे हैं। मतदान केंद्र पर नये बसे लोगों ने बूथ संख्या 122 में 65 वोट और 123 पर 21 वोट डाले। दोपहर तक इस आंकड़े में 15 वोट और पड़े। अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनके मौलिक अधिकार, संवैधानिक अधिकार और लोकतंत्र के महान पर्व का हवाला दे काफी समझाया लेकिन उनलोगों ने कहा कि उनकी समस्याएं सुनी जाए। जब तक उनकी इस गंभीर समस्या पर कार्रवाई नहीं होगी उनका विरोध जारी रहेगा।

पैर से दिव्यांग 25 वर्षीय मुमताज ने कहा पहले मतदान फिर चलाएंगे टोटो

टोटो चलाकर परिवार का जीविका चलाने वाले सिमरिया नवटोलिया निवासी 25 वर्षीय युवक मुहम्मद मुमताज उत्साह से पैदल ही बूथ तक पहुंचा। वह रोज सुबह छह बजे टोटो लेकर घर से सवारी ढोकर कमाने निकल जाता है। लेकिन मतदान की अहमियत उसके अंदर इतनी थी कि वह पहचान पत्र और पर्ची लेकर एक हाथ अपने कमजोर पैर से टिका कर मदरसा महमूदिया सिमरिया के बूथ पर पहुंचा। पूछने पर उत्साहित हो बताया कि हम दिव्यांग होते हुए भी टोटो चला लेते हैं। एक पैर मजबूत है दूसरा बेहद पता और कमजोर है लेकिन कमाना है तो कमाना है। रोज कमाता हूं और परिवार की गाड़ी चलती है। मतदान हमारा अधिकार है। हम इसलिए अपना वोट देने के लिए आज टोटो नहीं चलाया बल्कि गांव के बुजुर्ग लोग यदि चाहेंगे तो गांव से उन्हें भी टोटो पर ढोकर लाएंगे। इसके एवज में किराया भी नहीं लेंगे।

Posted By: Dilip Shukla

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