भागलपुर [रजनीश]। सड़कों पर लोगों का बड़ा हुजूम...। हर तरफ कौतूहल और हलचल। जल-जीवन हरियाली बिना कैसा वातावरण। मानो, इन सभी संवेदनाओं ने झकझोर दिया हो और सभी इसे बचाने के लिए बिना किसी के कहने पर सड़क पर हाथ में हाथ मिलाकर खड़े हो गए। स्कूली बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, अधिकारी, कर्मचारी और समाज के सभी वर्ग के लोगों को बढ़ते जल बचत, पौधों की रक्षा, प्रदूषण, दहेज प्रथा, बाल-विवाह की चिंता सता रही थी। इस चिंता को दूर करने के लिए मानव शृंखला के माध्यम से हाथ से हाथ मिलाकर खड़े थे। सड़क किनारे लाखों लोगों की भीड़ यह भरोसा दिला रही थी कि अब पर्यावरण की रक्षा के लिए हम सभी साथ हैं। रविवार को एक संकल्प और एक नारे के साथ सभी ने पर्यावरण दिशा में बेहतर सोच रखने की कसमें भी ली। जिला प्रशासन की ओर से मानव शृंखला के लिए 11.30 से 12 बजे का समय निर्धारित किया गया था। पर, यह लोगों का जुनून ही थी कि सुबह 10.30 से ही लोग सड़क किनारे खड़े हो गए। अधिकारी की चहलकदमी भी शुरू हो गई। देखते ही देखते सभी लोग सड़क के दोनों ओर बनी सफेद पट्टी पर हाथ से हाथ मिलाकर मानव शृंखला को सफल बनाने की तैयारी में लग गए।

नाश्ता बाद में करेंगे, पहले शृंखला में खड़े होंगे

मानव शृंखला को सफल बनाने में सभी की सहभागिता दिखी। बच्चे, युवा, महिलाएं नाश्ता को छोड़कर सफेद पट्टी पर खड़े होने के लिए ज्यादा उत्सुक दिखे। महात्मा गांधी रोड से स्कूली बच्चों की रैलियां निकली। रैली कचहरी चौक पर आकर समाप्त हो गया। इसके बाद बच्चे मानव शृंखला में खड़े हो गए।

 

कतार में आंगनबाड़ी सेविकाओं का झूंड ने गाए गीत

कचहरी चौक, तिलकामांझी, आदमपुर इलाके में खड़ी आंगनबाड़ी सेविकाएं मानव शृंखला में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। सभी सेविकाएं एक साथ कार्यक्रम की सफलता के लिए गीत गाकर एक दूसरे का हौसला आफजाई करते दिखे। आधे घंटे ही सही पर सभी ने पूरी सिद्दत के साथ खड़े रहे। सभी सरकारी, संविदाकर्मी, सरकारी और गैर सरकारी स्कूल, उच्च विद्यालय, उच्चतर विद्यालय, कॉलेज के शिक्षक, कर्मी, जीविका दीदी, आशा दीदी, सेविका, सहायिका, छात्र-छात्राएं शामिल हुईं।

नर्सिग छात्राएं और चिकित्सकों की भागीदारी

तिलकामांझी चौक पर नर्सिंग छात्राएं और चिकित्सकों में भी मानव शृंखला को लेकर उत्सुकता दिखा। सभी गोलंबर के चारों ओर खड़े होकर इस अभियान को सफल बनाने में पूरे उत्साह के साथ नजर आए। जल-जीवन-हरियाली लाने और बाल विवाह, दहेज उन्मूलन, नशामुक्ति जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए हाथ से हाथ मिलाकर खड़े रहे।

 

नाटक के जरिये कार्यक्रम को बनाया सफल

तिलकामांझी चौक पर शिक्षा विभाग की ओर से छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण बचाने, दहेज प्रथा, बाल-विवाह, शराबबंदी को लेकर नुक्कड़ नाटक किया।

इसके जरिए मानव शृंखला को सफल बनाने की अपील की। छात्र-छात्राओं ने कचहरी, तिलकामांझी और खलीफाबाग चौक पर पेंटिंग भी बनाई थी। आज कोई उत्सव के माहौल से कम नहीं था।

एक बाद बाजारों में खुली दुकानें

मानव शृंखला को लेकर शहर के व्यापारी वर्ग भी काफी उत्सुक दिखे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दुकानें और प्रतिष्ठान को खोले। खलीफाबाग, वेरायटी चौक, तिलकामांझी, भिखनपुर, आदमपुर, अलीगंज की ज्यादातर दुकानें एक बजे के बाद ही खुली।

चैंबर अध्यक्ष अशोक भिवानीवाला, पीआरओ अभिषेक जैन, ईबिआइए के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल, महासचिव आलोक अग्रवाल, राकेश रंजन केसरी, व्यवसायी मानव केजरीवाल सहित अन्य मानव शृंखला में खड़े दिखे। केंद्रीय रेलवे रेल यात्री संघ के अध्यक्ष विष्णु खेतान ने हजारों बैलून और पंप प्लेट वितरित कर कार्यक्रम को सफल बनाने में सजग दिखे।

मुख्य बातें

-हर किसी में दिखा मानव शृंखला को सफल बनाने का जुनून

-मौसम खराब होने के बाद भी बच्चे, महिलाएं और सभी वर्ग के लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया

-प्रदूषण को भगाना है, जल-जीवन हरियाली अभियान को सफल बनाना है

-2017 में शराबबंदी के समर्थन में पहली मानव शृंखला

-2018 में बाल विवाह और दहेज प्रथा को लेकर बनाई गई मानव शृंखला

-2019 में जन-जीवन हरियाली को लेकर 360 किमी बनी मानव शृंखला

-10.30 बजे से मानव शृंखला में शामिल होने लिए पहुंचे लोग

-11.30 बजे से 12 बजे तक निर्धारित मार्ग पर हाथ जोड़ कर खड़े हुए

Posted By: Dilip Shukla

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