जागरण संवाददाता, भागलपुर : दो दिन बाद फिर से शराब न पीने की कसम खाई जाएगी। कसम...वो लोग भी शपथ लेंगे, जो महकमें की फाइलों में शराब पीने या पिलाने के दागी हैं। नशे की हालत में कुछ पकड़े गए थे। कुछ अपने विभाग के लोगों को चकमा देकर भाग निकले थे। बहरहाल, कुछ दागी न्यायालय की शरण में जाकर फिर विभाग में वापस हो गए हैं। कुछेक वापसी के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं। दो दिन बाद वे लोग भी शराब न पीने की शपथ लेंगे और शपथ-पत्र भी भरेंगे कि वे आजीवन शराब का सेवन नहीं करेंगे। जब कभी पकड़े जाएंगे तो कठोर कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। शपथ लेने के बाद शपथ पत्र को उत्पाद विभाग को सौपेंगे। शपथ के लिए मुख्य सचिव ने सभी जिले के अधिकारियों को पत्र भी भेजा है।

हाल में ही जिले में शराब की तस्करी को रोकने के लिए डीआइजी ने मैराथन बैठक थी। यह ताकीद किया था कि शराब की आवक को हर हाल में रोकना है। रेंज में आने वाले सभी पुलिस अधिकारियों ने तस्करों की धरपकड़ के लिए कसरत शुरु की है, लेकिन शराब की आवक कम नहीं हो रही है। हर रोज जिले में कहीं न कहीं शराब पकड़ी जा रही है। कुछ स्थान पर पुलिस को शराब की बोतल मिल रही है लेकिन तस्कर हाथ नहीं आ रहे हैं। रात-दिन की तमाम कोशिश के बाद पुलिस ने इस माह में अब तक महज लगभग 18 हजार लीटर शराब बरामद की है। यह बरामदगी सख्ती के बाद थोड़ी ज्यादा हुई है।

हद तो यह जिस विभाग का मूल काम शराब बंदी को लागू कराना वो विभाग अब तक महज पांच हजार लीटर ही शराब बरामद कर पाया है, जिसके कंधे पर इस कानून को सख्ती से लागू कराना है। डीआइजी की बैठक के बाद जिला कप्तान निताशा गुड़िया ने भी सिटी एसपी और एसडीपीओ के साथ बैठक की थी। सभी को ताकीद किया था शराब की खेप जिले की सीमा न पार कर पाएं। बावजूद शराब की होम डिलिवरी जारी है।

'एक सप्ताह पहले ही सिटी एसपी और एडीपीओ को इस अभियान में लगाया गया है। सभी को शराब तस्करों की धरपकड़ के लिए आवश्यक निर्देश दिया गया है।' - निताशा गुड़िया, एसएसपी, भागलपुर

Edited By: Shivam Bajpai