जागरण संवाददाता, भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के 10 हास्टल अब नदियों और महापुरुषों के नाम से जाने जाएंगे। आखिरकर तीन माह बाद डीएसडब्ल्यू कार्यालय से इसकी अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी गई है।

दरअसल, दो सितंबर 2021 को तत्कालीन कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने छात्रावास समिति की बैठक की थी, जिसमें हास्टलों का नामकरण करने का निर्देश दिया गया था। डीएसडब्ल्यू डा. राम प्रवेश सिंह ने कहा कि सभी हास्टल अधीक्षकों को इसकी सूचना दे दी गई है। डीएसडब्ल्यू ने अधिसूचना में सभी अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने हास्टल के बाहर तय नाम का बोर्ड लगाएंगे।

हास्टल नाम

  • पीजी महिला हास्टल एक : बागमती
  • पीजी महिला हास्टल दो : चंपा
  • पीजी महिला हास्टल तीन : जाहन्वी
  • पीजी महिला हास्टल चार : महानंदा
  • पीजी महिला हास्टल पांच : सोन
  • पीजी पुरुष हास्टल एक : डा. राजेंद्र प्रसाद
  • पीजी पुरुष हास्टल दो : सरदार पटेल
  • पीजी पुरुष हास्टल तीन : स्वामी विवेकानंद
  • पीजी पुरुष हास्टल चार : लोकनायक
  • पुरुष शोध छात्रावास : आर्यभट्ट

17 फरवरी से शुरू होगी पीजी सेमेस्टर दो की परीक्षा

जागरण संवाददाता, भागलपुर : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के परीक्षा विभाग ने मंगलवार को सेमेस्टर दो (सत्र : 2019-21) सभी विषयों की परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डा. अरुण कुमार ङ्क्षसह ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। परीक्षा एक पाली में 11.00 बजे से 2.00 बजे तक आयोजित होगी। यह जानकारी पीआरओ डा. दीपक कुमार दिनकर ने दी है।

  • तिथि : पेपर
  • 17 फरवरी : सीसी-5
  • 23 फरवरी : सीसी-6
  • 26 फरवरी : सीसी-7
  • दो मार्च : सीसी-8
  • पांच मार्च : सीसी-9
  • आठ मार्च : एईसी-1

लौटानी होगी यूजीसी की बची हुई राशि

यूजीसी द्वारा टीएमबीयू के पीजी विभागों को 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत राशि उपलब्ध कराई थी। विभागों ने राशि खर्च करने के पश्चात उपयोगिता प्रमाण पत्र भी जमा किया था। अब 20 पीजी विभागों में करीब 11.21 लाख की राशि बची हुई है, जिसे यूजीसी को वापस करना होगा। इसके लिए टीएमबीयू के कुलसचिव डा. निरंजन प्रसाद यादव ने मंगलवार को विभागों की सूची जारी की है। हेड को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द बकाया राशि को चेक के माध्यम से विवि में जमा कराएं। इस सूची में सबसे ज्यादा राशि सेंट्रल लाइब्रेरी के पास 3.11 लाख की राशि बची है। इसके अलावा पीजी म्यूजिक के पास 1.76 लाख रुपये, पीजी होम साइंस विभाग के पास 1.11 लाख रुपये, पीजी परसियन के पास एक लाख रुपये की राशि बची है। इसके अलावा अन्य विभागों के पास लाख रुपये से कम की राशि है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla