नवगछिया में तटबंधों पर बढ़ा गंगा-कोसी का दबाव, 200 घरों में घुसा पानी; ब्रह्मोत्तर तटबंध पर धसान से हड़कंप
गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर से नवगछिया अनुमंडल में तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में पानी घरों में घुस गया है।

HighLights
नवगछिया में गंगा-कोसी के जलस्तर से तटबंधों पर दबाव।
इस्माईलपुर, राघोपुर में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर।
ब्रह्मोत्तर तटबंध पर धसान, 200 घरों में बाढ़ का पानी।
संवाद सूत्र, नवगछिया। गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर से नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र के तटबंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार इस्माईलपुर-बिंद टोली, राघोपुर और मदरौनी में नदी का पानी तटबंध के टो को छू रहा है। राघोपुर और इस्माईलपुर-बिंद टोली में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। जेबी चोरहर में कोसी का जलस्तर स्थिर है, लेकिन वहां भी कई स्थानों पर पानी तटबंध के टो को स्पर्श कर रहा है।
इस्माईलपुर-बिंद टोली
स्पर संख्या सात पर गंगा का जलस्तर 32.18 मीटर दर्ज किया गया। 24 घंटे में आठ सेंटीमीटर वृद्धि हुई है। यह खतरे के निशान 31.60 मीटर से 58 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का पानी तटबंध के टो को छू रहा है। विभाग ने फिलहाल तटबंध को सुरक्षित बताया है।
राघोपुर
गंगा का जलस्तर 33.16 मीटर पहुंच गया है। 24 घंटे में 19 सेंटीमीटर वृद्धि हुई है। यह चेतावनी स्तर 32.68 मीटर से 48 सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान 33.68 मीटर से 52 सेंटीमीटर नीचे है। काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध के टो को पानी छू रहा है। करीब 30 मीटर क्षतिग्रस्त हिस्से के आगे निर्माण कार्य जारी है। बालू भरी नाव डूबने से नाविक समेत दो मजदूरों की मौत के बाद डीएम के निर्देश पर नाव से बाढ़ संघर्षात्मक कार्य बंद है।
मदरौनी
कोसी का जलस्तर 31.18 मीटर रहा। 24 घंटे में पांच सेंटीमीटर वृद्धि हुई है। यह खतरे के निशान 31.48 मीटर से महज 30 सेंटीमीटर नीचे है। यहां भी पानी तटबंध के टो को छू रहा है। विभाग ने तटबंध को सुरक्षित बताया है।
जेबी चोरहर
कोसी का जलस्तर 31.30 मीटर पर स्थिर रहा। यह खतरे के निशान 31.77 मीटर से 47 सेंटीमीटर नीचे है। नगरपारा तटबंध और बगजान जमींदारी बांध के कई बिंदुओं पर पानी टो को स्पर्श कर रहा है। विभाग ने स्थिति नियंत्रण में बताई है।
ब्रह्मोत्तर तटबंध पर धसान, दरारों से बढ़ी चिंता
गोपालपुर प्रखंड में गंगा-कोसी के बढ़ते जलस्तर के बीच ब्रह्मोत्तर तटबंध की स्थिति नाजुक हो गई है। पिछले वर्ष जहां कटान हुआ था, उसी हिस्से में फिर मिट्टी का धसान शुरू हो गया है। तटबंध पर कई जगह दरारें भी उभर आई हैं। नदी के बढ़ते दबाव से ग्रामीणों में किसी भी समय कटान शुरू होने की आशंका है।
ग्रामीणों का कहना है कि संवेदनशील हिस्से को समय रहते मजबूत नहीं किया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ब्रह्मोत्तर तटबंध में कटान होने पर गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय समेत पूरे प्रखंड और रंगरा प्रखंड की अधिकांश पंचायतों पर बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से संवेदनशील स्थानों पर तत्काल बालू भरी बोरियां डालने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने और तटबंध को मजबूत करने की मांग की है। गंगा-कोसी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तटबंधों के टो तक पहुंच चुके पानी को देखते हुए प्रशासन व जल संसाधन विभाग के सामने संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी और बचाव कार्य की चुनौती बढ़ गई है।
तोफिल अनठावन के हरिजन टोला व बिंदटोला में बाढ़, 200 घरों में घुसा पानी
कटाव के मुहाने पर गंगा किनारे बसे तोफिल अनठावन गांव के हरिजन टोला और बिंदटोला में बाढ़ का पानी घुस गया है। करीब 200 घरों में पानी बह रहा है। निचले हिस्से में बसे ग्रामीण सड़क और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि हर साल बाढ़ और गंगा कटाव का दंश झेलना उनकी मजबूरी बन गई है। घर छोड़कर जाने के बजाय कई परिवार चौकी व मचान पर सामान और अनाज रखकर रह रहे हैं। फिलहाल चूड़ा और सत्तू खाकर गुजारा कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार अब तक सामुदायिक किचन शुरू नहीं किया गया है।
100 घरों में कई दिनों से पानी जमा
मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल ने बताया कि अंचल प्रशासन ने दो नाव उपलब्ध कराई हैं, जबकि चार नाव की जरूरत है। पकड़तल्ला, आमापुर और एकचारी स्टेशन के पास करीब 100 घरों में कई दिनों से पानी जमा है। करीब आधा दर्जन गांव बाढ़ से घिरे हैं और गांव की ओर पानी तेजी से बढ़ रहा है।
तोफिल अनठावन में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जबकि कहलगांव में जलस्तर स्थिर है। यहां जलस्तर खतरे के निशान से 82 सेंटीमीटर ऊपर है। गंगा से जुड़ी कुआ, भयाना, गेरुआ और घोघा नदियां भी उफान पर हैं। पानी बहियार में फैल रहा है और रेलवे लाइन के दोनों ओर भी बाढ़ का पानी जमा है।
