जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिसके हौसले को दुश्मन देश की गोलियां तीन-तीन युद्धों में नहीं तोड़ सकी, वो आज अपनी सलामती के लिए पुलिस से गुहार लगा रहे हैं। जोगसर थानाक्षेत्र के मशाकचक में रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी के घर में घुसकर बदमाशों ने पश्चिम बंगाल चले जाने की धमकी दी। ऐसा नहीं करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। चार दिन पहले भी अधिकारी को धमकाया गया था।

चार दिनों पहले बदमाशों ने धमकी दी थी, तब रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी अमरेश चक्रवर्ती और उनकी पत्नी ने जोगसर थाने में शिकायत की थी और पुलिस से सहयोग मांगा था। आरोप है कि तब जोगसर पुलिस ने उन्हें सहयोग करने के बजाय यह कहकर वापस लौटा दिया कि गश्ती पुलिस मौके पर पहुंच रही है।

पुलिस के कहने के बावजूद गश्ती पुलिस मौके पर पहुंची ही नहीं, नतीजा मंगलवार को बदमाश घर पर आ धमके। घटना के बाद दंपती ने रात को एसएसपी आनंद कुमार को मोबाइल पर घटना की जानकारी दी और जानमाल की सुरक्षा का अनुरोध किया। एसएसपी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जोगसर थाने को विधि-सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया है।

घर पर कब्जे करने का आरोप

दंपती ने बताया कि इलाके के भू-माफिया अपराधियों की मदद से उनके घर पर कब्जा करना चाहते हैं। पहले भी कई बंगाली परिवार का घर भू-माफियाओं ने हड़प लिया है। स्थानीय पुलिस भी सहयोग नहीं कर रही है।

अधिकारी अमरेश चकवर्ती को अपराधियों ने जान से मार देने की धमकी दे दहशतजदा कर दिया है। जिस चक्रवर्ती के हौसलों को पस्त 1965, 1971 और 1999 के कारगिल युद्ध में दुश्मन देश की गोलियां नहीं कर सकीं। अब वे रिटायरमेंट के बाद स्थानीय अपराधियों से जानमाल की सलामती की गुहार लगाने काे मजबूर हैं।

राष्ट्रपति सम्मान से भी सम्मानित

बता दें कि तीनों युद्ध में चक्रवर्ती गोलियों और राकेट लांचर के हमले में जख्मी होकर भी देश की सेवा करते रहे, अब बेलगाम अपराधियों से दहशत में हैं। देश की सेवा के दौरान कर्तव्यपालन और अदम्य साहस का परिचय देने पर 1999 में इन्हें राष्ट्रपति सम्मान से भी नवाजा गया था।

Edited By: Roma Ragini

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