भागलपुर [जेएनएन]। सूबे के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार जिले के अधिकारियो के साथ सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक की। कृषि मंत्री ने पशुपालन और मत्स्य की समीक्षा के क्रम में कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 18-19 में जितनी भी योजनाओं में बैकलॉग है, उसका निष्पादन तुरंत करें। बैंको से पशुपालन के तहत डेयरी फार्म में गाय, बकरी, मुर्गी पालन के जितने भी आवेदन आए हैं, उसका लक्ष्य के अनुरूप ऋण बैंको से लार्जनिंग कर कृषकों को उपलब्ध कराएं। दुधारू पशुओं से उनकी माली हालत सुधरेगी। बेरोजगारी और गरीबी से लोग उपर उठेंगे।

उन्होंने डीएम को कहा कि डीएलसीसी की बैठक में बैंकों को बैंकवार प्राप्त आवेदन केसीसी ऋण का निष्पादन करने का आदेश देंगे और लक्ष्य को पूरा कराएंगे। उन्होंने कहा कि सोसाईटी के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार कराया जाए, जिससे लोग आजीविका के रूप में गाय, बकरी, मुर्गी पालन कर आर्थिक रूप से समृद्ध हो सके। राज्य में बीस लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है। जिससे ढाई करोड़ का प्रतिदिन का मार्केट है। लोग दूध, दही और लस्सी का रोजगार कर आत्मनिर्भर हैं। कम्फेड निदेशक ने बताया कि भागलपुर, मुंगरे, जमुई जिले में दूध के उत्पादन से 70 प्रतिशत की आबादी लाभांवित है।

मंत्री ने कहा कि दूध कलेक्शन सेंटर के माध्यम से पंचायत से दूध का उठाव नियमित रूप से कराया जाए, जिससे किसानों को फायदा हो। उन्होंने तालाबों के किनारे पौधारोपण कराने का निर्देश दिया। इससे जल-जीवन हरियाली येाजना को बल मिलेगा। ढाई लाख तालाब राज्य में है। उन्होंने डीएम से जिले के अतिक्रमित तालाब एवं कृषि फार्म को मुक्त कराने को कहा। तालाबों का जीर्णोद्धार करा देने से मछली पालन को बल मिलेगा और खेतों में सिंचाई के लिए पानी भी मिलेगा। इसके लिए चल रही योजनाओं का लाभ किसानों को मिलेगा। आहर, पैन, चेकडेम की मरम्मत कराएं, जिससे सिंचाई को बल मिलेगा। मंत्री ने कहा कि जर्दालु और कतरनी की मार्केटिंग में सुधार के लिए कृषि कार्यालय परिसर में एक सुझाव केन्द्र खोला जाएगा। जिससे कतरनी धान और जर्दालु के बारे में जानकारी मिल सकेगी, जो देश की पहचान बनेगी। उन्होंने धान की रोपनी 100 फीसद कराने का निर्देश कृषि पदाधिकारी को दिया।

उन्होंने कहा कि डीजल अनुदान किसानों को स-समय दें। ई-किसान भवन को पूरा कराने का भी निर्देश दिया गया। मंत्री ने कहा कि राज्य प्राकृतिक आपदा से गुजर रहा है। 13 जिलों के 144 प्रखंड बाढ़ प्रभावित है। सरकार बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए हर कदम उठा रही है। कृषि नुकसान का सर्वे कराया गया है। दो लाख 60 हजार हेक्टेयर में बिचड़े का नुकसान हुआ है। अबतक के सर्वे के अनुसार कृषि में 53 करोड़ राशि की क्षति हुई है। किसानों को निश्शुल्क बीज उपलब्ध कराया जाएगा। सुखाड़ ग्रसित जिले के किसानों को वैकल्पिक फसल सब्जी, मक्का आदि की बीज उपलब्ध कराई जाएगी। इसको लेकर सरकार गंभीर है। किसानों को कोई कठिनाई नहीं होने दी जाएगी। समीक्षा के बाद मंत्री ने मानिकपुर मोहल्ले में आधुनिक तकनीक से निर्मित मछली पालन की पद्धति का उद्घाटन किया।

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Posted By: Dilip Shukla

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