भागलपुर के दूध कारोबारियों को राहत, विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद जाह्नवी चौक और बियाडा में होगी खरीद
विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य के कारण आवागमन बाधित होने से भागलपुर के दुग्ध उत्पादकों को राहत मिली है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
विक्रमशिला सेतु मरम्मत से प्रभावित दुग्ध उत्पादकों को मिली बड़ी राहत।
जाह्नवी चौक, बियाडा में अस्थायी दुग्ध संग्रहण केंद्र खोले गए।
दूध खरीद पर अतिरिक्त परिवहन भुगतान, फेरी सेवा के उपयोग पर अपील।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य के कारण आवागमन बाधित होने से गंगा पार से भागलपुर शहर में दूध पहुंचाने वाले दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं को अब शहर आने की जरूरत नहीं होगी।
जिला प्रशासन ने उनकी सुविधा के लिए जाह्नवी चौक, नवगछिया और बियाडा, भागलपुर में अस्थायी दुग्ध संग्रहण केंद्र खोल दिए हैं। उन केंद्रों पर दूध की खरीद, गुणवत्ता के आधार पर मूल्य निर्धारण और भुगतान की व्यवस्था की गई है।
जाह्नवी चौक स्थित अस्थायी केंद्र का संचालन सुधा डेयरी, भागलपुर की ओर से किया जा रहा है। यहां दूध की सही माप और गुणवत्ता के आधार पर निर्धारित दर से भुगतान किया जाएगा।
भुगतान के लिए ऑनलाइन यूपीआई और डीएटी की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। वहीं, बियाडा स्थित केंद्र एफएम माल के पूर्व में बनाया गया है। यहां भी दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं से दूध का संग्रह किया जा रहा है।
परिवहन मद में मिलेगा अतिरिक्त भुगतान
दूध उत्पादकों और विक्रेताओं को राहत देते हुए भागलपुर डेयरी की ओर से दूध की कीमत के अतिरिक्त भारवाहक यानी परिवहन मद में 0.75 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। इससे पुल बंद रहने के दौरान दूध को वैकल्पिक मार्ग से पहुंचाने में होने वाले अतिरिक्त परिवहन खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा सिंघिया मकंदपुर और सोनवर्षा स्थित स्थायी दुग्ध शीतलीकरण केंद्रों पर भी दूध संग्रहण और भुगतान की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। दूध संग्रहण का समय सुबह सात बजे से 10:30 बजे तक तथा शाम 6:30 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित किया गया है।
मनोरंजन के लिए फेरी सेवा लेने से बचें
विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बाधित होने के कारण जिला प्रशासन ने फेरी सेवा के उपयोग को लेकर भी आम लोगों से अपील की है।
प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग केवल मनोरंजन या फेरी से यात्रा का अनुभव लेने के लिए यात्री के रूप में इसका उपयोग कर रहे हैं। इससे वास्तविक जरूरत के तहत यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
जिला प्रशासन ने लोगों से कहा है कि फेरी सेवा का इस्तेमाल केवल आवश्यक और वास्तविक आवागमन के लिए ही करें। मनोरंजन अथवा अनुभव प्राप्त करने के उद्देश्य से की जाने वाली यात्राओं को यथासंभव टालें।
प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध परिवहन और कार्गो व्यवस्था का व्यवस्थित संचालन तभी संभव है, जब जरूरतमंद यात्रियों को प्राथमिकता मिले।
प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है, ताकि सेतु मरम्मत के दौरान वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था का बेहतर तरीके से संचालन किया जा सके।
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