ऑनलाइन टीम, भागलपुर। नीतीश सरकार में एक दिन के लिए शिक्षा मंत्री और तारापुर से जदयू विधायक डॉ. मेवालाल चौधरी का निधन हो गया है। तीन दिन पहले वह कोविड की चपेट में आए थे। इसके बाद उन्हें पटना के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था।

सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले डॉ. चौधरी इससे पहले बिहार कृषि विवि के कुलपति भी रह चुके हैं। उन्होंने सोमवार की सुबह 4:30 बजे अस्पतल में आखिरी सांसें ली। उनके निधन की खबर मिलते ही उनके समर्थकों और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर राज्‍यपाल फागू चौहान, मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्‍यमंत्री रेणु देवी, विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा,शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया है।

रिटायमेंट के बाद चुना राजनीति का सफर

डॉ. मेवालल चौधरी मूलरूप से तारापुर के रहने वाले थे। 2015 में बिहार कृषि विवि से सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना। वे जदयू के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। इसके बाद वह दोबारा 2020 में विधान सभा चुनाव लड़े और जीते। इसके बाद उन्हें शिक्षा मंत्री बनाया गया। लेकिन नियुक्ति घोटाला का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों ने उन्हें निशाने पर ले लिया। इसके बाद उन्हें 24 घंटे के अंदर इस्तीफा देना पड़ा था।

पत्नी रह चुकी थी सचेतक

डॉ. मेवालाल चौधरी से पहले उनकी पत्नी स्व. नीता चौधरी तारापुर की विधायक रही थी। वह राजनीति में काफी सक्रिय रहीं। वे जदयू के मुंगेर प्रमंडल की सचेतक भी थीं। उन्होंने 2010 में तारापुर से चुनाव जीता था। वर्ष 2019 में गैस सिलेंडर से लगी आग में झुलसने से उनकी मौत हो गयी थी। मेवालाल चौधरी के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा रवि प्रकाश अमेरिका में तो छोटा बेटा मुकुल प्रकाश ऑस्ट्रेलिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

 

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