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'बाघ-बकरी को एक घाट पानी पिलाया'... वायरल दावे की निकली हवा; अनंत-नीरज विवाद के बीच ललन सिंह के वीडियो का सच

Published: Sun, 04 Oct 2026 11:35 AM (IST)

Lalan Singh Viral Video Fact Check: केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का एक वायरल वीडियो, जिसे अनंत सिंह और नीरज कुमार ...और पढ़ें

HighLights

  1. ललन सिंह का वायरल वीडियो अनंत-नीरज विवाद से असंबद्ध।

  2. वीडियो में लखीसराय के घोसैठ में स्थानीय सुलह का जिक्र।

  3. भ्रष्टाचार पर ₹5 लेने पर इस्तीफे का खुला चैलेंज दिया।

जागरण संवाददाता, लखीसराय। Lalan Singh Viral Video Fact Check: केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री और मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के एक जन संवाद कार्यक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर कुछ यूजर्स और राजनीतिक हलकों में इस वीडियो को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और मोकामा की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

इसे पूर्व मंत्री व जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार तथा मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह के बीच हालिया राजनीतिक खींचतान और विवाद पर दिया गया बयान बताकर प्रचारित किया जा रहा है। हालांकि, धरातलीय हकीकत इस वायरल दावे से बिल्कुल उलट है।

दरअसल, वायरल हो रहे इस वीडियो का अनंत सिंह या नीरज कुमार से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरा वाकया लखीसराय के घोसैठ गांव का है, जहां आयोजित जन संवाद में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह वहां के स्थानीय नेताओं के वर्षों पुराने विवाद और सुलह का उदाहरण दे रहे थे।

घोसैठ के मुखिया और पूर्व जिप की अदावत पर दिया था उदाहरण

घोसैठ के जन संवाद में ललन सिंह गांवों के आपसी मनमुटाव, वर्चस्व की होड़ और गैर-जरूरी पैरवी संस्कृति पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने घोसैठ के वर्तमान मुखिया आलोक कुमार एवं स्थानीय निवासी पूर्व जिला पार्षद आशुतोष कुमार के बीच वर्षों से चली आ रही राजनीतिक अदावत का मंच से खुलकर जिक्र किया।

ललन सिंह ने कहा था कि क्षेत्र में किस बात का वर्चस्व है? कोई वर्चस्व नहीं होता। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा था कि जो लोग वर्षों से एक-दूसरे के धुर विरोधी थे और एक-दूसरे का चेहरा तक नहीं देखना चाहते थे, उन्हें भी उन्होंने एक मंच पर साथ लाकर 'बाघ और बकरी को एक ही घाट पर पानी पिलाने' जैसा काम किया है। इसी बयान को इंटरनेट मीडिया पर काटकर (क्लिप बनाकर) पूर्व मंत्री नीरज कुमार और अनंत सिंह के नाम से जोड़कर सनसनीखेज बना दिया गया।

'₹5 भी लिया हो तो साबित करें, दे दूंगा इस्तीफा'

इसी कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाते हुए भरे मंच से खुला चैलेंज भी दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन केवल विकास के भरोसे चला है।

उन्होंने कहा था—"हमने कभी चोरी नहीं की। पूरे क्षेत्र में डंके की चोट पर ऐलान है कि यदि कोई एक व्यक्ति भी यह साबित कर दे कि ललन बाबू ने विकास के काम में ₹5 लिया है, तो मैं उसी दिन अपने पद से इस्तीफा देकर घर बैठ जाऊंगा।"

पैरवी संस्कृति पर लगाई थी क्लास

उन्होंने मंच से स्पष्ट किया था कि वे गांव के आपसी झगड़ों में किसी एक पक्ष की पैरवी करने के सख्त खिलाफ हैं। उन्होंने कहा थ—"जब कोई गांव में आपस में लड़कर आता है, तो हम किसी का पक्ष नहीं लेते। दोनों पक्ष हमारे वोटर हैं। अगर हम एक की पैरवी करेंगे, तो दूसरे की पैरवी करना भी हमारा फर्ज होगा और ऐसे में हमारी पैरवी 'जीरो' हो जाएगी।

इसलिए हम पैरवी नहीं करते, लेकिन अगर दोनों पक्ष सहमत हों तो उनके बीच समझौता जरूर करा सकते हैं।" बहरहाल, लखीसराय के घोसैठ गांव में स्थानीय गुटबाजी को खत्म करने के लिए दिया गया यह सुलह का बयान सोशल मीडिया की सियासी चक्की में पिसकर अनंत सिंह बनाम नीरज कुमार के विवाद का रंग ले चुका है, जो पूरी तरह बेबुनियाद है।