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ब‍िहार : अंग को सीधे मिथिलांचल से जोड़ेगा NH-106 का नया पुल; कोसी पर 7 KM लंबा ब्रिज तैयार, PM मोदी करेंगे उद्घाटन

Published: Wed, 28 Oct 2026 09:20 AM (IST)

Bihpur Virpur NH 106 Bridge: बिहपुर-वीरपुर (एनएच-106) पर कोसी नदी पर 25 साल के इंतजार के बाद 6.93 किमी लंबे ...और पढ़ें

Bihpur Virpur NH 106 Bridge:  ₹1600 करोड़ का बिहपुर-वीरपुर NH-106 पुल तैयार, नवंबर में पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन।

Bihpur Virpur NH 106 Bridge:  ₹1600 करोड़ का बिहपुर-वीरपुर NH-106 पुल तैयार, नवंबर में पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन।

HighLights

  1. बिहपुर-वीरपुर NH-106 महासेतु का निर्माण 25 साल बाद पूरा।

  2. कोसी नदी पर 6.93 किमी लंबा पुल ₹1600 करोड़ में बना।

  3. 72 किमी की दूरी अब 12 किमी, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन।

संवाद सूत्र, बिहपुर (भागलपुर)। Bihpur Virpur NH 106 Bridge: कोसी और अंग क्षेत्र की लाइफलाइन कहे जाने वाले बिहपुर-वीरपुर (एनएच-106) के 105 किमी लंबे बहुप्रतीक्षित मार्ग पर कोसी नदी पर बने विशाल महासेतु का निर्माण कार्य आखिरकार 25 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद पूरा हो गया है।

लगभग 16 सौ करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से कोसी नदी के ऊपर बने 128 स्पैन वाले 6.93 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में निर्माण एजेंसी 'एफकॉन्स' के इंजीनियर और तकनीकी अधिकारी पुल को अंतिम रूप (फिनिशिंग टच) देने और अंतिम सुरक्षा ऑडिट में जुटे हैं।

सूत्रों के अनुसार, आगामी नवंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित भागलपुर दौरे के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भव्य उद्घाटन कराया जा सकता है। इस पुल के शुरू होने से उत्तर व दक्षिण बिहार के साथ-साथ नेपाल बॉर्डर और झारखंड के बीच सीधी और सुगम कनेक्टिविटी बहाल हो जाएगी।

72 किमी की दूरी सिमटी सिर्फ 12 किमी में

इस महासेतु के चालू होने से मधेपुरा, सहरसा और सुपौल के लोगों को ऐतिहासिक राहत मिलने जा रही है। वर्तमान में मधेपुरा के फुलौत से भागलपुर के बिहपुर आने के लिए लोगों को करीब 72 किलोमीटर की लंबी, जर्जर और घुमावदार दूरी तय करनी पड़ती थी, जिसमें तीन घंटे से अधिक का समय लगता था।

सफर हुआ 20 मिनट का

अब एनएच-106 के इस पुल के माध्यम से यह दूरी सिमटकर मात्र 12 किलोमीटर रह जाएगी। लोग मधेपुरा से बिहपुर तक का सफर महज 20 मिनट में तय कर सकेंगे। इस ऐतिहासिक दूरी और समय की कमी से यात्रियों के ईंधन और बहुमूल्य समय दोनों की भारी बचत होगी।

कोसी के कृषि उत्पादों को मिलेगा देशव्यापी बाजार

बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने मंगलवार को सोनवर्षा स्थित गर्ल्स प्लस टू स्कूल परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि एनएच-106 का यह महासेतु न केवल अंग प्रदेश और मिथिलांचल की संस्कृति का अद्भुत संगम बनेगा, बल्कि कोसी क्षेत्र के उन गांवों और इलाकों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा जो आजादी के बाद से अब तक पिछड़े हुए थे।

बिहपुर-वीरपुर (NH-106) महासेतु: एक नजर में

  • प्रोजेक्ट का नाम: बिहपुर-फुलौत (वीरपुर) एनएच-106 सड़क व पुल परियोजना।

  • पुल की लंबाई: 6.93 किलोमीटर (कोसी नदी पर)।

  • कुल स्पैन की संख्या: 128 स्पैन।

  • कुल अनुमानित लागत: करीब ₹1600 करोड़ (पुल व कनेक्टिंग सड़कों सहित)।

  • शिलान्यास: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 सितंबर 2020 को (प्रारंभिक शिलान्यास 2001 में शरद यादव ने किया था)।

  • बड़ी राहत: फुलौत से बिहपुर की दूरी 72 किमी से घटकर 12 किमी रह जाएगी।

  • संबद्ध क्षेत्र: भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, खगड़िया और नेपाल बॉर्डर कनेक्टिविटी।

  • निर्माण एजेंसी: एफकॉन्स (Afcons)।

इस पुल के शुरू होने से मधेपुरा, सुपौल और सहरसा के कोसी क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों के लिए मक्का, केला, आम, लीची, शहद व अन्य उत्पादों को भागलपुर, कोलकाता, झारखंड और देश की अन्य बड़ी मंडियों तक पहुंचाना बेहद सुगम और किफायती हो जाएगा।

वर्ल्ड बैंक के पीछे हटने के बाद केंद्र ने संभाली थी कमान

इस पुल की नींव 25 वर्ष पूर्व 5 जुलाई 2001 को तत्कालीन केंद्रीय श्रम मंत्री शरद यादव द्वारा रखी गई थी। हालांकि, बाद में विश्व बैंक (World Bank) ने इस परियोजना से अपने हाथ पीछे खींच लिए, जिसके कारण योजना लंबे समय तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही। इसके बाद केंद्र की मोदी सरकार ने संज्ञान लेते हुए एनएचएआई (NHAI) को जिम्मेदारी सौंपी और नए सिरे से डीपीआर तैयार कर काम शुरू कराया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितंबर 2020 को इस पुल का नए सिरे से शिलान्यास किया था। अब 6 साल की अथक मेहनत के बाद यह परियोजना पूरी तरह धरातल पर उतर चुकी है और इसके उद्घाटन के साथ ही पूर्वी बिहार के विकास का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

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