यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राबड़ी व शशिकला में हैं ये समानताएं, जानकर चौंक जाएंगे आप
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी व तमिलनाड की मुख्यमंत्री बनने जा रहीं शशिकला के बीच कई समानताएं हैं। आइए नजर डालते हैं।

पटना [अमित]। बिहार व तमिलनाडु की राजनीति में कोई समानता देखने को नहीं मिलती। लेकिन, जयललिता के निधन के बाद मुख्यमंत्री बनने जा रहीं शशिकला और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच की कई समानताएं चौंकाती हैं।
जयललिता की मृत्यु के बाद ओ पन्नीरसेलवम मुख्यमंत्री बनाए गए। लेकिन, हाल ही में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पार्टी की महासचिव शशिकला नटराजन का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। लेकिन, अब पन्नीरसेलवम मुख्यमंत्री बने रहना चाहते है। इससे तमिलनाडु में सियासी संकट पैदा हो गया है। हालांकि, शशिकला का मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है।
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शशिकला की इसके पहले कोई राजनीतिक पहचान नहीं रही थी। वे किचेन से सीधे कैबिनेट पहुंचने वाली हैं। ठीक उसी तरह, जैसे 25 जुलाई 1997 को बिहार में लालू प्रसाद के जेल जाने के बाद राबड़ी देवी को किचेन से निकालकर बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया था।
राबड़ी मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की पत्नी के रूप में जानी जाती थीं तो शशिकला मुख्यमंत्री जयललिता की दोस्त के रूप में। दोनों का मुख्यमंत्री बनने से पहले राजनीतिक अनुभव शून्य था। राबड़ी की तरह शशिकला के पास भी कोई राजनीतिक अनुभव नहीं है और न हीं उन्होंने किसी राजनीतिक पद पर काम किया है।
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राबड़ी देवी ने जब सत्ता संभाली, तब लालू प्रसाद जेल में थे। उनकी सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एक रखकर सत्ता को बचाए रखना था। राबड़ी देवी ने यह काम किया। इसी तरह जयललिता की मौत के बाद शशिकता ने भी अन्नाद्रमुक पर मंडराते टूट के खतरा को टाला और पार्टी संभालने के बाद अब मुख्यमंत्री बनने वाली हैं।
जहां तक राबड़ी व शशिकला में अंतर की बात है, राबड़ी के साथ लालू का अनुभव और जेल के भीतर से ही सही, मार्गदर्शन था। लेकिन शशिकला को अपना रास्ता खुद तय करना है। उनका कोई मार्गदर्शक नहीं है।
