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भागलपुर के स्कूल यूनिफॉर्म में महिषासुरमर्दिनी; कट‍िहार में बच्चों ने त्रिशूल से किया नशे का अंत, गूंजे प्रेरक नारे

Published: Sat, 17 Oct 2026 11:13 AM (IST)

शारदीय नवरात्र : कटिहार के उत्क्रमित मध्य विद्यालय संगत टोला के विद्यार्थियों ने नवरात्र में नशामुक्ति पर एक प्रेरक झांकी ...और पढ़ें

शारदीय नवरात्र : कट‍िहार के डंडखोरा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय संगत टोला में नवरात्र के मौके पर दस भुजाओं वाली देवी के स्वरूप में नशामुक्ति का संदेश देतीं और महिषासुरमर्दिनी के रूप में बुराई का संहार करतीं भाललपुर छात्राएं।

शारदीय नवरात्र : कट‍िहार के डंडखोरा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय संगत टोला में नवरात्र के मौके पर दस भुजाओं वाली देवी के स्वरूप में नशामुक्ति का संदेश देतीं और महिषासुरमर्दिनी के रूप में बुराई का संहार करतीं भाललपुर छात्राएं।

HighLights

  1. कटिहार के छात्रों ने नशामुक्ति पर झांकी प्रस्तुत की।

  2. नशे को महिषासुर, छात्रों को महिषासुरमर्दिनी दर्शाया।

  3. प्रेरणादायी नारों से समाज को नशामुक्त होने का आह्वान।

ड‍िजि‍टल डेस्‍क, भागलपुर।  शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर जब पूरा इलाका मां दुर्गा की भक्ति में लीन है, तब कट‍िहारके  डंडखोरा प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय संगत टोला के विद्यार्थियों ने आस्था के साथ सामाजिक सरोकार की एक प्रेरक मिसाल पेश की है।

विद्यालय परिसर में शिक्षिका ज्योति कुमारी की प्रेरणा और प्रधानाध्यापक लाल बिहारी पासवान के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने एक विशेष झांकी और नाट्य रूपांतरण के जरिए समाज को नशामुक्त बनाने का आह्वान किया।

स्कूल यूनिफॉर्म में महिषासुरमर्दिनी

इस जागरूकता कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि बच्चों ने वर्तमान सामाजिक बुराई- नशे को 'महिषासुर' का रूप देकर उसका संहार प्रदर्शित किया। विद्यालय की एक छात्रा ने पारंपरिक परिधान में दस भुजाओं वाली मां दुर्गा का रूप धारण किया, जिनकी प्रतीकात्मक भुजाओं में अस्त्रों की जगह नशामुक्ति के संदेश वाली तख्तियां सजी थीं।

 

प्रमुख नारे व संदेश:

 

  • 'शराब छोड़ो - घर जोड़ो'

  • 'गुटखा छोड़ो - सेहत बचाओ'

  • 'तम्बाकू छोड़ो - परिवार बचाओ'

  • 'नशा = विनाश, नशा मुक्त हो अपना बिहार'

  • 'हम सब ने ठाना है, नशा मुक्त समाज बनाना है'

 

नशे का किया प्रतीकात्मक वध

वहीं, भागलपुर में स्कूल यूनिफॉर्म में सजी दूसरी छात्रा ने हाथ में त्रिशूल थामकर महिषासुरमर्दिनी के रौद्र रूप का जीवंत मंचन किया। अन्य छात्रों ने बुराई (नशे) और प्रतीकात्मक पात्रों का रूप धरकर इस पूरे प्रसंग को जीवंत बना दिया।

'शराब छोड़ो-घर जोड़ो' 

झांकी के दौरान बच्चों ने 'शराब छोड़ो - घर जोड़ो', 'गुटखा छोड़ो - सेहत बचाओ', 'तम्बाकू छोड़ो - परिवार बचाओ', 'जागो युवा जागो - नशे को त्यागो' और 'नशा मुक्त बिहार, खुशहाल बिहार' जैसे प्रेरणादायी नारे लगाए। बच्चों ने ग्रामीणों को संदेश दिया कि नशा न केवल व्यक्ति के शरीर को नष्ट करता है, बल्कि पूरे परिवार की सुख-शांति और आर्थिक स्थिति को भी समाप्त कर देता है।

बच्चों में सामाजिक मूल्यों का विकास करना लक्ष्य

प्रधानाध्यापक लाल बिहारी पासवान और शिक्षिका ज्योति कुमारी ने कहा कि नवरात्र शक्ति की उपासना का पर्व है और आज समाज को सबसे बड़ी शक्ति नशे जैसी कुरीतियों से लड़ने के लिए चाहिए। विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ एक सजग और उत्तरदायी नागरिक बनाना है। बच्चों द्वारा प्रस्तुत इस संदेशप्रद मंचन की स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने खूब सराहना की।

 

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