कटिहार, जेएनएन। आजमनगर प्रखंड क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर स्थित पांच पंचायत की बड़ी आबादी प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए अब भी जिल्लत झेलती है। रोहिया-आजमनगर घाट पर महानंदा नदी की धारा सालों भर बड़ी बाधा बनी रहती है तो वहीं बरसात के महीनों व उसके कुछ महीने बाद तक रोहिया ढ़ाला में जमा कीचड़ लोगों के लिए परेशानी का सबब बना रहता है।

आपसी सहयोग से चचरी पुल बना आवागमन कर रहे लोग

रोहिया घाट पर बरसात में जलजमाव व ट्रैक्टर के आवागमन से भीषण कीचड़ पसरा हुआ है। इस कारण इस होकर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। ग्रामीण आपसीी सहयोग से बांस की चचरी पुल बना कर रोहिया-आजमनगर घाट तक पहुंच पा रहे हैं। ज्ञात हो कि अरिहाना, सिंघोल, शीतलपुर, बैरिया व हरनागर पंचायत की बड़ी आबादी आवश्यक कार्य से रोहिया घाट पर नाव की यात्रा कर प्रखंड कार्यालय आते- जाते है। लेकिन पुल नहीं रहने से इन सभी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुल निर्माण को लेकर ये लोग वर्षों से मांग कर रहे हैं। लेकिन अब तक इन लोगों की मांगे पूरी नहीं हो पाई है। 

कई बार हुई है रोहिया ढ़ाला पर पुल निर्माण की मांग 

रोहिया ढ़ाला पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से लोग करते रहे हैं। कई बार विधायक व सांसद की सभा में मंच पर भी इस पुल निर्माण की मांग हुई है। बावजूद इसके आज तक इस पुल निर्माण के लिए सकारात्मक पहल न होने से लोग आक्रोशित हैं।

जनप्रतिनिधियों से भी कर चुके हैं मांग 

सिंघोल मुखिया प्रतिनिधि मु: इफ्तखार आलम ने कहा कि रोहिया ढ़ाला पर पुल नहीं होने से बड़ी आबादी प्रभावित है। पंचायत द्वारा इस पुल का निर्माण संभव नहीं है। कई बार क्षेत्र के विधायक से पुल निर्माण की मांग रखी की गई, लेकिन आज तक किसी स्तर से कोई पहल नहीं हुई है।

 

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