जासं, कटिहार। दरभंगा ब्लास्ट के बाद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनने की येाजना का प्रस्तााव कारा प्रशासन द्वारा तैयार किया गया है। अंतिम रूप से स्वीकृति मिलने के बाद इस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। जेल के सुरक्षाकर्मियों को प्रथम चरण में हथियान चलाने का प्रशिक्षण देने के साथ ही कमांडों की ट्रेनिंग दी जाएगी। 

जेलों की सुरक्षा व्यवस्थाा की निगहबानी ड्रोन से कराए जाने की योजना का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में बेउर व मुजफ्फरपुर स्थित खुदीराम बोस केंद्रीय कारा चयन किया गया है। इसके बाद राज्य के सभी केंद्रीय कारा की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग ड्रोन से कराए जाने पर निर्णय लिया जाएगा। गृह एवं कारा सुधार विभाग द्वारा सभी जेलों से कमांडों ट्रेनिंग के लिए सुरक्षाकर्मियों की सूची तलब की जाएगी। मेडिकल फिटनेस एवं अन्य मानकों के आधार पर कमांडों ट्रेेनिंग के लिए 56 सुरक्षााकर्मियों का चयन किया जाएगेा। हांलकि इससे संबंधित किसी तरह का दिशा निर्देश जेल अधीक्षकों को नहीं मिला है। शीघ्र ही इससे संबंधित निर्देश जारी किए जाने की बात कही जा रही है।

महारष्ट्र में दिया जाएगा कमांडों ट्रेनिंग

विभिन्न जेनों से चयनित सुरक्षाकर्मियों को महारष्ट्र में कमांडों ट्रेङ्क्षनग के लिए भेजा जाएगा। कमांडों ट्रेङ्क्षनग लेने के बाद जेल के सुरक्षाकर्मी किसी तरह की आपात स्थिति से निपटने में सक्षम होंगे। अब तक जेल परिसर के भीरत सुरक्षा व्यवस्था की ड्यूटी करने वाले सुरक्षाकर्मियों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।

जेलों में बंद है आतंकी व हार्डकोर नक्सली

बेउर जेल में दरभंगा पार्सल आफिस ब्लास्ट मामले में पकड़े गए आतंकी को रखा गया है। इसके अतिरिक्त अन्य जेलों में भी हार्डकोर नक्सली बंद है। किसी भी तरह की आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस के पहुंचने के पूर्व स्थिति को नियंत्रित करने में कारा के सुरक्षाकर्मियों को दक्ष बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

मुख्यालय स्तर से हो सकेगी सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग

ड्रोन से केंद्रीय कारा की निगबहानी किए जाने से अब मुख्यालय स्तर से भी सुंरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग किए जाने के साथ ही जेल अधीक्षकों को इससे संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश तत्काल दिया जा सकेगा। फिलहाल इस योजना पर बेउर व मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में काम कराए जाने की योजना प्रस्तावित है। विभागीय जानकारी के मुताबिक यूपी के बरेली, लखनऊ सहित पांच जेलों में ड्रोन से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इस वर्ष के अंत तक प्रस्तावित योजना को क्रियान्वयित कराया जाएगा।

भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए जेलों की सुरक्षा व्यवसथ को और सु²ढ़ करने की योजना पर काम किया जा रहा है। जेल के सुरक्षाकर्मियिों को प्रथम चरण में हथ्यिार चलाने का प्रशिक्षण देने के साथ ही दूसरे चरण में कमांडों ट्रेनिंग दिए जाने की योजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए सभी जेलों से सुरक्षाकर्मियों की सूची तलब की जाएगी। मेडिकल फिटनेस सहित अन्य मानक के आधार पर 56 सुरक्षाकर्मियों का चयन प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। -मिथिलेश मिश्रा, आइजी जेल, बिहार

 

Edited By: Abhishek Kumar