भागलपुर, जेएनएन। Kanhaiya said in Jan Mana Yatra policies of Godse and Jinnah are being implemented in the India : जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सीटीजन (NRC) के खिलाफ शुक्रवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने भागलपुर के चंपानगर के नीलमहीं मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। सभा में काफी संख्या में सीएए और एनआरसी के विरोध में लोग पहुंचे थे। इसके पहले वे कटिहार में सभा को संबोधित किया। इतना ही नहीं, कटिहार में उनके काफिले पर जूते-चप्‍पल भी फेंके गए थे।  

कन्हैय्या ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 में सरकार बनना सामान्‍य घटना नहीं थी। इस बात का अंदाजा नहीं था कि देश में इंकलाब-जिंदाबाद का नारा देने वाले मौलाना हसरत मोहानी के सपनों के देश में गोडसे और जिन्ना की नीतियां लागू की जाएंगी। इस बात का भी अंदाजा नहीं था कि बात तीन तलाक, 370 और राम मंदिर तक ही रूकने वाली नहीं थी। जो लोग संविधान की शपथ खाकर आए हैं, संसद की चौखट को चूमकर संसद में घुसे हैं, वे लोग ही संविधान की आत्मा को तार-तार कर देंगे। ये बिल हिंदुस्तान के सीने में छेद करने के लिए लाया गया है।

उन्‍होंने कहा कि बापू को गद्दार कहकर गोली मारने वाले देश की गद्दी पर बैठ जाएंगे और बापू को मानने वाले लोगों पर फिर से गोली चलाने की बात करेंगे। इसके बारे में भी किसी ने नहीं सोचा था। देश में रहने वाले नागरिकों को उनके देश भक्त होने का सुबूत मांगा जा रहा है। आश्चर्य है कि ये सुबूत वे मांग रहे हैं, जिनके पुरखों ने अंग्रेजों की जासूसी और चापलूसी की थी। ये लड़ाई राजनीतिक नहीं है, ये लड़ाई इस देश में हमारे वजूद की लड़ाई है।

मोदी सरकार अंग्रेजों की तरह देश को बांट रही 

मोदी सरकार देश को अंग्रेजों तरह बांट रही है। जैसे अंग्रेजों ने फुट डालो और राज करो का फॉर्मूला अपनाकर देश पर राज किया था, उसी तरह मोदी और अमित शाह ङ्क्षहदू और मुस्लिम को लड़ाकर शासन करना चाह रहे हैं। उनकी यह मंशा हम लोग कभी पूरी नहीं होने देंगे। ये बातें जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष भाकपा नेता कन्हैया कुमार ने कहीं। वह पुरैनी के मैदान में शनिवार को दलित-मुस्लिम एकता मंच के बैनर तले संविधान बचाओ देश बचाओ सभा को संबोधित कर रहे थे।

कन्हैया ने लोगों से पूछा कि आप लोग गांधी को मानते हो या गोडसे को। यह देश गांधी का है, गोडसे का नहीं। हम लोग गांधी को मानने वाले हैं और गांधी की विचारधारा पर ही चलते रहेंगे। संविधान से किसी भी सूरत में छेड़छाड़ नहीं करने देंगे। संविधान बचाने के लिए हम लोग लड़ाई लड़ते रहेंगे। मोदी सरकार जब तक यह काला कानून वापस नहीं करेगी तब तक हम लोग आंदोलन जारी रखेंगे। हम लोगों को सावरकर और जिन्ना को हराना है। गांधी, अंबेडकर और मौलाना अब्दुल कलाम आजाद को जिताना है। अगर सरकार संविधान के मुताबिक इस कानून को वापस नहीं लेती है तो गांधी जीके नमक आंदोलन की तरह हम लोग इस सरकार के खिलाफ आंदोलन खोलेंगे।

वहीं कन्हैया के जाने के बाद पहुंचे जाप नेता पप्पू यादव ने अपने संबोधन में मोदी, योगी, अमित शाह और नीतीश पर हमला करते हुए कहा कि पहले तो नोटबंदी कर 16 हजार करोड़ का घोटाला किया। जब भी हम लोगों की सरकार बनेगी तो इस घोटाले को उजागर कर इन लोगों को जेल में बंद करवाएंगे। इस घोटाले को छुपाने के लिए मोदी सरकार कभी ङ्क्षहदुस्तान-पाकिस्तान करती है। कभी तीन तलाक तो कभी लव जिहाद, कभी ङ्क्षहदू-मुस्लिम, सीए और एनआरसी लाकर लोगों को भटका रही है। उन्होंने कहा कि मोदी ने इजराइल के कहने पर यह सीएए और एनआरसी एनआरसी कानून लाया है। एलआइसी जैसी मुनाफेदार कंपनी को सरकार बेच रही है। पुरैनी की सभा के बाद कन्हैया ने बांका में भी सभा की। सभा का संचालन मौलाना आताउर रहमान ने किया। इसके अलावा इस सभा को राजद नेत्री राबिया खातून सहित दर्जनों वक्ताओं ने संबोधित किया।

सीएए के खिलाफ हम सबको एकजुट होकर लडऩा होगा

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) के खिलाफ शनिवार को केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला। उन्होंने भागलपुर के पुरैनी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार सीएए और एनआरसी जैसे काले कानून को लागू कर हमें बांटना चाहती है। इसके लिए हम लोगों को एकजुट होकर इसके विरोध में लडऩा होगा। आज हमारी पहचान के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है, लेकिन हम लोग ऐसा होने नहीं देंगे। ये बिहार की धरती है। यह बुद्ध, महावीर, गुरु गोविंद सिंह, जेपी और जगदेव बाबू की धरती है। यहां इस काले कानून को लागू नहीं होने देंगे। बिहार सरकार भी इसके लिए केरल की तरह विधान सभा में प्रस्ताव पास कर विरोध दर्ज कराए।

कन्हैया ने कहा कि हमारे संविधान ने हां और ना दोनों कहने की आजादी दी है। आज हम लोग यहां ना कहने की आजादी के लिए जुटे हैं। उन्होंने पुरैनी के लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पटना में आयोजित रैली में भाग लेने का आह्वान किया। कहा, सीएए और एनआरसी का मसला किसी एक समुदाय का मसला नहीं है। ये हम सभी का मसला है। इस लड़ाई में सभी को एक जुट होना होगा।

देश में रहने वालों से मांगा जा रहा देशभक्ति का सबूत जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) के खिलाफ शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर हमला बोला। उन्होंने चंपानगर के नीलमही मैदान में आयोजित जनसभा में कहा कि 2014 में सरकार बनना सामान्य घटना नहीं थी। इस बात का अंदाजा नहीं था कि देश में इंकलाब जिंदाबाद का नारा देने वाले मौलाना हसरत मोहानी के सपनों के देश में गोडसे और जिन्ना की नीतियां लागू की जाएंगी। इस बात का भी अंदाजा नहीं था कि यह तीन तलाक, 370 और राममंदिर तक ही रुकने वाला नहीं था। जो लोग संविधान की शपथ खाकर आए हैं, संसद की चौखट को चूमकर संसद में घुसे हैं, वे लोग ही संविधान की आत्मा को तार तार कर देंगे। ये बिल ङ्क्षहदुस्तान के सीने में छेद करने के लिए लाया गया।

कन्हैया ने कहा कि देश में रहने वाले नागरिकों से उनके देशभक्त होने का सबूत मांगा जा रहा है। आश्चर्य है कि ये सबूत वे मांग रहे हैं, जिनके पुरखों ने अंग्रेजों की जासूसी और चापलूसी की थी। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है, बल्कि देश में हमारे वजूद की है। सभा में सीएए और एनआरसी के विरोध में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे।

 

Posted By: Rajesh Thakur

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