भागलपुर [रजनीश]। भागलपुर भाजपा की परंपरागत सीट थी, लेकिन टिकट बंटवारे के बाद जब यह सीट जदयू के खाते में चली गई तो तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। तमाम कयासों को दरकिनार कर नीतीश कुमार की सोशल इंजीनि‍यरिंग के दम पर अजय मंडल जीत का परचम लहराने में सफल रहे। उनकी जीत में क्षेत्र के विधायक, राज्यसभा सदस्य और अन्य सांसदों की भूमिका भी वरदान साबित हुआ। राज्य के मुखिया नीतीश कुमार ने अपने पार्टी उम्मीदवार को जीत दिलाने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सीएम ने लगभग आधा दर्जन से ज्यादा सभाओं में अजय के लिए वोट मांगे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विजय संकल्प रैली ने यहां के पूरे राजनीतिक समीकरण को ही पलट दिया।

सदानंद जैसे दिग्गज को भी दी है पटखनी

कहलगांव अनुमंडल के घोघा के रहने वाले अजय मंडल राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी माने जाते हैं। लोगों के साथ घुलमिल कर रहने वाले अजय की राजनीतिक पारी की कहानी भी बड़ा दिलचस्प है। अजय ने कहलगांव विधानसभा से राजनीति के दिग्गज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह को पटखनी दी थी। इसके बाद लगातार दो बार नाथनगर विधानसभा से जीत दर्ज की।

अब विधायक जी नहीं सांसद महोदय कहलाएंगे अजय

अजय मंडल की पहचान कल तक नाथनगर विधायक के रूप में होती थी। लोग इन्हें विधायक जी कहकर बुलाते थे। अब वे सांसद बनेंगे।

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Posted By: Dilip Shukla

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