जागरण संवाददाता, जमुई। लूट के प्रयास एवं गोलीबारी के एक मामले में झारखंड की देवघर थाना पुलिस ने मंगलवार की अहले सुबह खैरा में दबिश दी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले कांड में शामिल अपराधी भाग निकलने में कामयाब रहा। बताया जाता है कि 10 अप्रैल को देवघर थाना अंतर्गत बीएन झा पथ स्थित शिवराम झा चौक के समीप एसबीआई सीएसपी में अपराधी लूट की घटना को अंजाम देने पहुंचे थे। इस दौरान सीएसपी संचालक संचालक केशव नारायण झा ने विरोध किया तो अपराधियों ने उसे गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। घटना को लेकर देवघर नगर थाना में कांड संख्या 196/ 21 दर्ज किया गया। इस घटना में नौ अपराधी शामिल थे।

घटना के कुछ दिन बाद ही पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते अंतराज्जीय गिरोह के आधा दर्जन अपराधियों को देसी कट्टा, जिंदा गोली, मोबाइल तथा बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अपराधियों में जमुई जिले के झाझा, कटौना एवं मुंगेर जिले के अपराधी शामिल थे। इस कांड में खैरा निवासी सीताराम रावत का पुत्र अरुण रावत फरार चल रहा है। जिसे गिरफ्तार करने देवघर नगर थाना पुलिस पहुंची थी। पुलिस के अनुसार सीडीआर में अरुण का नाम कांड में सामने आया है। इधर, अहले सुबह खैरा में हुई छापेमारी की चर्चा जोरों पर है। छापेमारी टीम में देवघर नगर थाना पुलिस के अवर निरीक्षक मु जीशान अख्तर के अलावा खैरा थाना पुलिस के एएसआई पीके वर्मा शामिल थे।

इन अपराधियों की हो चूकी है गिरफ्तारी

इस कांड में पुलिस छह अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरफ्तार अपराधियों में झाझा थाना क्षेत्र के काषिकुण्ड गांव निवासी सूरज रावत, दिलीप रावत, प्रिंस कुमार तथा मलयपुर थाना क्षेत्र के कटौना निवासी शंभु कुमार एवं मुंगेर जिला के संग्रामपुर नवासी मिथिलेश कुमार, देवघर बैजनाथपुर निवासी छोटेलाल तुरी और गिधनी निवासी रूपलाल तुरी शामिल है।

इन सामानों की हुई बरामदगी

गिरफ्तार अपराधियों के पास तीन देसी कट्टा, चार जिंदा गोली, 11 मोबाइल और दो बाइक की बरामदगी हुई थी।