भागलपुर, जेएनएन। ट्रेन परिचालन नियमित होने के बाद भागलपुर से दुमका तक की 105 किलोमीटर की दूरी दो से ढाई घंटे में पूरी होगी। अभी चार घंटे का समय लगता है। रेल ट्रैक बदलने के बाद भागलपुर-दुमका रेल सेक्शन पर रफ्तार की जांच की गई। अब इस सेक्शन पर 80 किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलेंगी। यात्रियों के लिए यह बड़ी सौगात है। भागलपुर से दुमका के बीच स्पीड ट्रॉयल ट्रेन चलाकर रेल पटरियों पर रफ्तार की जांच हुई। जांच में किसी तरह की दिक्कतें नहीं आई। जल्द ही रेलवे की ओर से स्पीड संबंधित आदेश जारी की जाएगी। गुरुवार दोपहर में भागलपुर से एईएन उज्जवल कुमार की देखरेख में 1.55 बजे दो कोच वाली स्पीड ट्रॉयल ट्रेन खुली। दुमका तक यह ट्रेन 80 किमी की रफ्तार से गई। दुमका स्टेशन पर ट्रेन 3.40 बजे पहुंची। जांच टीम में मुख्य पीडब्ल्यूआइ आरके सिंह, केके राय, मालदा रेल मंडल के पीडब्ल्यूआइ प्रकाश कुमार थे।

लॉकडाउन में मिला समय बदल गई पटरियां

लॉकडाउन में ट्रेन परिचालन बंद होने के बाद रेलवे का पूरा फोकस रेल पटरियों की मरम्मती और ट्रैक बदलने पर रहा। इस अवधि में मंडल के कई रेल सेक्शनों पर तेजी से काम किए गए। भागलपुर से मंदारहिल के बीच रेल पटरियों को समय से बदल दिया गया। अब इस सेक्शन पर नई रेल पटरियों बिछने के बाद ट्रेन परिचालन में किसी तरह की दिक्कतें नहीं होगी। पटरी पुरानी होने की वजह से इस सेक्शन पर ट्रेन 40 से 50 किमी की रफ्तार से चलती थी। भागलपुर से दुमका पहुंचने में पैसेंजर ट्रेन को ढाई घंटे और एक्सप्रेस ट्रेन को दो घंटे लगेंगे।

भागलपुर-किऊल के बीच जांच हुई

ठंड में रेल पटरियों के सिकुड़ेन की संभावना बनी रहती है। इसे देखते हुए गुरुवार को भागलपुर से किऊल के बीच रेल पटरियों की जांच हुई। ट्रॉयल ट्रेन से अभियंता भागलपुर से किऊल तक अप और डाउन लाइन की ट्रैक को जांच किया। किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली।

 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस