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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हज यात्रा 2022 : बिहार राज्य हज कमेटी पटना ने दिए निर्देश, यहां करें प्रशिक्षण, तभी जा सकेंगे हज करने

By Dilip Kumar ShuklaEdited By:
Published: Wed, 15 Jun 2022 08:09 AM (IST)

हज पर जाने से पूर्व यहां प्रशिक्षण लेंगे सुपौल और मधेपुरा के हज यात्री। त्रिवेणीगंज के डपरखा स्थित जामिया इस्लामिया ...और पढ़ें

बिहार में हज यात्रा के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बिहार में हज यात्रा के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

संवाद सूत्र, त्रिवेणीगंज (सुपौल)। बिहार राज्य हज कमेटी पटना के निर्देश पर सुपौल त्रिवेणीगंज के डपरखा स्थित जामिया इस्लामिया सिराजुल उलूम परिसर में सुपौल और मधेपुरा के हज यात्रियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आज यानी बुधवार को किया जाएगा। उक्त जानकारी मदरसा के अधीक्षक मौलाना अतीकुर रहमान नदवी ने दी है। बताया कि इसके लिए यहां तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है।

हर मुसलमान चाहता है इस यात्रा पर जाना

मौलाना नदवी ने बताया कि जिन पांच चीजों पर इस्लाम आधारित है, उनमें से एक हज है और हर मुसलमान का दिल चाहता है कि उसको अल्लाह के पवित्र घर यानी खाना ए काबा में जाने का सौभाग्य प्राप्त हो, जो अमन व शांति का केंद्र है और मार्गदर्शन जहां से इस्लाम के प्रकाश ने पूरी दुनिया को आस्था और विश्वास की रोशनी से रोशन किया। इस महत्वपूर्ण कर्तव्य को पूरा करने में कोई लापरवाही न हो इस संबंध में पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी बिहार राज्य हज कमेटी, पटना के निर्देश पर खैरउम्मत फाउंडेशन डपरखा द्वारा सुपौल और मधेपुरा के हज यात्रियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बुधवार की सुबह नौ बजे से जामिया इस्लामिया सिराजुल उलूम डपरखा में आयोजित किया जा रहा है।

कई विद्वान होंगे शामिल

इसमें प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान हजरत मौलाना नुरुलहक कासमी इमारत शरिया, मौलाना मु. अबुल कलाम शम्सी सहायक नाजिम ईमारत शरिया पटना, मौलाना अब्दुस सुभान कासमी जमीयत उलेमा के अध्यक्ष न्यू दिल्ली, मौलाना शोएब रहमानिया मदरसा सुपौल के पूर्व शिक्षक सहित अन्य उलेमाओं द्वारा हज के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।

यहां बता दें कि कोरोना के कारण पिछले दो वर्षों से हज यात्रा पर रोक लगा दी गई थी। इस कारण इस बार ज्‍यादा से ज्‍यादा मुस्लिम समुदाय के लोग हज यात्रा में शामिल होंगे। बिहार राज्‍य में कई स्‍थानों पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है।