भागलपुर [जेएनएन]। बिहार के सभी यूनिवर्सिटी में जॉब ओरिएंटेड कोर्स शुरू होंगे। इससे स्टूडेंट्स को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें यूनिवर्सिटी से निकलते ही रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही सूबे के विश्वविद्यालयों में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम भी शुरू होगा। ये बातें बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लालजी टंडन ने मंगलवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहीं। 

उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में राष्ट्र का निर्माण होता है। उच्च शिक्षा में सुधार के लिए विगत 4 एवं 5 फरवरी 2019 को राजभवन में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। उसमें राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कुलपति, प्रति कुलपति, कुल सचिव एवं शिक्षाविद भी शामिल थे। 10 सत्रों में विभिन्न उपयोग एवं सार्थक विषयों पर आवश्यक चर्चा हुई थी। 

उन्होंने कहा कि मैंने शिक्षा के विकास के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक नीतियां आगामी पांच वर्षों के लिए तैयार करने को कहा है। विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए कुछ ठोस और सार्थक कदम भी पिछले वर्ष हमने उठाए हैं। उसके सार्थक और सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। एकेडमिक एवं एग्जामिनेशन कैलेंडर के अनुरूप समय पर नामांकन, परीक्षा आयोजन, परीक्षाफल प्रकाशन तथा डिग्री वितरण के लिए दीक्षांत समारोह के आयोजन किए जा रहे हैं।

लालजी टंडन ने कहा कि राज्य सरकार ने भी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के नियमित वेतन भुगतान एवं सीमांत लाभ के मामलों के निष्पादन हेतु आवंटन में कोई कमी नहीं होने दी है। विश्वविद्यालय में जल्द ही यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (यूएमईएस) इस वर्ष से लागू होने जा रहा है। इसका फायदा छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा। वहीं सभी यूनिवर्सिटी में जॉब आॅरिएंटेड कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। 

इतना ही नहीं, विश्वविद्यालयों में स्वच्छता एवं पर्यावरण के प्रति चेतना जागृत करने से उद्देश्य से विशेष अभियान चलाए गए हैं। हर परिसर, हरा परिसर नामक पौधारोपण योजना के तहत विश्वविद्यालय, महाविद्यालय परिसर में लाखों पौधे लगे हैं। भारतीय संस्कृति के अनुरूप दीक्षांत समारोह के लिए नई परिधान व्यवस्था कार्यान्वित कर दी गई है। इसका अवलोकन आज के समारोह में भी आप कर रहे हैं। यह बड़े हर्ष की बात है और मुझे भी खुशी है कि आज विश्वविद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या लगभग आधी पाई जा रही है। किसी किसी विश्वविद्यालय में तो दीक्षांत समारोह के दौरान 80 प्रतिशत तक स्वर्ण पदक छात्राएं हासिल कर रही हैं। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में भी लगभग आधे स्वर्ण पदकों पर हमारी बेटियों की दावेदारी सफल रही है। विश्वविद्यालय बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचने की ओर अग्रसर है। पूरे राज्य के लिए बड़े गौरव की बात है। बिहार कुछ वर्षों में ही विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होने में सफल हो जाएगा।

Posted By: Rajesh Thakur

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