बांका से तैरकर भागलपुर पहुंचा विशाल मगरमच्छ, नदी में उतरने पर प्रतिबंध
Badua River Crocodile Alert Bhagalpur: बांका जिले से एक विशाल मगरमच्छ बदुआ नदी के तेज बहाव के साथ भागलपुर जिले ...और पढ़ें

भागलपुर बदुआ नदी में दिखा विशालकाय मगरमच्छ।
HighLights
विशाल मगरमच्छ बदुआ नदी के तेज बहाव से भागलपुर पहुंचा।
अकबरनगर में नदी में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।
अजगैवीनाथ धाम तक निगरानी बढ़ी, गंगा में प्रवेश की आशंका।
संवाद सूत्र, अकबरनगर (भागलपुर)। Badua River Crocodile Alert Bhagalpur:बांका जिले के शंभूगंज में बदुआ नदी में हलचल मचाने के बाद एक विशालकाय मगरमच्छ पानी के तेज बहाव के साथ भागलपुर जिले की सीमा में दाखिल हो गया है। अकबरनगर थाना क्षेत्र के नयागांव पंचायत अंतर्गत ऊंचागांव पुल के समीप नदी की उफनती धार में इस भारी-भरकम जलीय शिकारी को तैरते देखा गया।
खबर आग की तरह फैलते ही पुल और नदी के किनारों पर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा, जिसके बाद समूचे तटीय इलाके में दहशत का माहौल बन गया। हालिया मानसूनी बारिश के चलते बदुआ नदी का जलस्तर चढ़ा हुआ है और धारा अत्यंत तेज है। इसी तेज बहाव के सहारे मगरमच्छ बांका की सीमा लांघकर भागलपुर के मैदानी क्षेत्र में आ पहुंचा है।
नदी में उतरने पर रोक, किनारों पर चौकसी
मगरमच्छ की आमद को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे किसी भी स्थिति में नदी के पानी में न उतरें। मवेशियों को पानी पिलाने, कपड़े धोने और बच्चों के नहाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। मुखिया संजीव कुमार व स्थानीय प्रतिनिधियों के सहयोग से तटवर्ती बस्तियों में मुनादी कराकर लोगों को घाटों से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है।
अजगैवीनाथ धाम तक कड़ी निगरानी
भौगोलिक रूप से बदुआ नदी का यह बहाव अकबरनगर से गुजरते हुए सीधे विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम के पास पवित्र गंगा नदी में समाहित होता है। जल विशेषज्ञों और वन विभाग का अनुमान है कि पानी की तेज धार के साथ यह मगरमच्छ गंगा संगम की ओर बढ़ता जा रहा है।
गंगा में मिलने की आशंका
इसे देखते हुए अकबरनगर से लेकर सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) के गंगा घाटों तक निगरानी का दायरा बढ़ा दिया गया है। वन कर्मियों की गश्ती टीम नदी के बहाव मार्ग पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी संभावित खतरे या जनहानि को समय रहते टाला जा सके।
