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भागलपुर में 16 दिनों बाद खतरे के निशान से नीचे उतरी गंगा, धीरे-धीरे घटने लगा बाढ़ का पानी

Published: Sun, 20 Sep 2026 07:00 AM (IST)

भागलपुर में 16 दिनों बाद गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत की उम्मीद जगी है।

16 दिनों बाद खतरे के निशान से नीचे उतरी गंगा

16 दिनों बाद खतरे के निशान से नीचे उतरी गंगा

HighLights

  1. गंगा का जलस्तर 16 दिनों बाद खतरे के निशान से नीचे।

  2. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को मिली राहत की उम्मीद।

  3. तटवर्ती इलाकों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घट रहा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर में गंगा का जलस्तर अब लगातार नीचे आ रहा है। शनिवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 33.47 मीटर दर्ज किया गया। भागलपुर में गंगा के खतरे का निशान 33.68 मीटर है। गंगा खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। शनिवार सुबह 10 बजे जलस्तर 33.58 मीटर था। आठ घंटे में 11 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। 

बताते चलें कि चार सितंबर को भागलपुर में गंगा खतरे के निशान से उपर चली गई थी। 16 दिनों तक गंगा खतरे के निशान से उपर ही बह रही थी। खैर, गंगा के खतरे के निशान से नीचे आने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों में राहत की उम्मीद जगी है। 

गंगा के घटने के साथ तटवर्ती और निचले इलाकों से बाढ़ का पानी भी धीरे-धीरे निकल रहा है। कई गांवों में आवागमन सामान्य होने लगा है। हालांकि गड्ढों और निचले स्थानों में पानी अब भी जमा है। पानी पूरी तरह निकलने में कुछ और समय लगने की संभावना है।

नाथनगर में गांवों में आवाजाही सामान्य

नाथनगर क्षेत्र में बाढ़ का पानी धीमी गति से घट रहा है। गांवों में अब आवाजाही की स्थिति सामान्य होने लगी है। हालांकि गड्ढों और निचले स्थानों में पानी फंसा हुआ है। इसके निकलने में अभी समय लगेगा। ग्रामीणों को जलस्तर में कमी के बाद जल्द सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद है।

कहलगांव में कुछ घरों में अब भी पानी

कहलगांव में भी गंगा के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। अधिकांश स्थानों से बाढ़ का पानी निकल गया है, लेकिन निचले हिस्से के कुछ घरों में अभी पानी जमा है। तोफिल-अंठावन-बीरबन्ना पथ अब भी जलमग्न है। कुछ गांवों में जलजमाव बना हुआ है। बाढ़ प्रभावितों के लिए चल रही सामुदायिक रसोई बंद हो गई है।

पीरपैंती में जीआर राशि के लिए पहुंच रहे लोग

पीरपैंती प्रखंड के निचले क्षेत्र के गांवों और घरों में अभी बाढ़ का पानी फंसा हुआ है। काली प्रसाद पुल पर अब भी पानी बह रहा है, जबकि सिंघिया नाला पुल से पानी उतर गया है और इस मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया है। चौखंडी पुल के रास्ते फिलहाल नाव का परिचालन जारी है। 

बाढ़ प्रभावित लोग जीआर राशि के लिए अंचल कार्यालय पहुंचने लगे हैं। पानी उतरते ही प्रभावित पंचायतों के मुखिया की ओर से क्षेत्रों में चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है, ताकि जलजमाव के बाद संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।

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