Bhagalpur : राघोपुर रेलवे तटबंध पर गंगा का कटाव शुरू; ब्रह्म बाबा स्थान के पास तेजी से कटी मिट्टी, दहशत में ग्रामीण
भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर रेलवे तटबंध पर गंगा नदी का भीषण कटाव शुरू हो गया है, जिससे ब्रह्म ...और पढ़ें

खरीक के राघोपुर में रेलवे तटबंध के ब्रह्म बाबा स्थान के समीप गंगा नदी के तेज कटाव से धंसती मिट्टी
HighLights
राघोपुर रेलवे तटबंध पर गंगा नदी का भीषण कटाव शुरू।
ब्रह्म बाबा स्थान के पास मिट्टी तेजी से कटने से दहशत।
ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।
संवाद सूत्र, खरीक (भागलपुर)। भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर रेलवे तटबंध पर गंगा नदी का भीषण कटाव शुक्रवार से अचानक शुरू हो गया है। तटबंध के संवेदनशील बिंदु माने जाने वाले ब्रह्म बाबा स्थान के ठीक पास नदी की तेज धारा मिट्टी को तेजी से लील रही है। कटाव की अत्यधिक रफ्तार को देखकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है और तटबंध की सुरक्षा को लेकर लोग गहरे खौफ में हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कटाव की गति इतनी अप्रत्याशित है कि देखते ही देखते मिट्टी के बड़े-बड़े टीले नदी के गर्भ में समाते जा रहे हैं। यदि समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में यह रेलवे तटबंध की संरचना के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
रात में अनहोनी की आशंका
ब्रह्म बाबा स्थान के पास कटाव शुरू होते ही तटबंध से सटे गांवों में बेचैनी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन के उजाले में कटाव की विकरालता देखकर ही रोंगटे खड़े हो रहे हैं, ऐसे में रात के अंधेरे में नदी के और अधिक उग्र होने की आशंका से लोगों की नींद उड़ गई है।
-1791557184052.webp)
जागकर पहरा देने को मजबूर लोग
तटबंध की सुरक्षा से सीधे तौर पर रेल लाइन और आसपास की हजारों आबादी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों का तर्क है कि जल संसाधन विभाग को इसे कतई हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि कटाव की धार तटबंध के मूल हिस्से तक पहुंच गई, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी।
जल संसाधन विभाग से फ्लड फाइटिंग शुरू कराने की मांग
कटाव की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के उच्चाधिकारियों व अनुमंडल प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अभियंताओं की एक तकनीकी टीम फौरन मौके पर भेजी जाए, जो कटाव की जमीनी पड़ताल कर सुरक्षात्मक रणनीति तैयार करे।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि बिना किसी प्रशासनिक लेटलतीफी के पर्याप्त संख्या में मजदूर, बालू भरी बोरियां (जियो बैग) और अन्य कटावरोधी सामग्री गिराकर फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू किया जाए, ताकि कटाव को तटबंध के नजदीक पहुंचने से पहले ही बांधा जा सके। फिलहाल पूरे इलाके की नजरें प्रशासन और जल संसाधन विभाग के राहत कदमों पर टिकी हैं।
