भागलपुर [धीरज कुमार]। अपराधग्रस्त नवगछिया अनुमंडल। 1992 में इसे पुलिस जिला बनाया गया। एसपी की नियुक्ति हुई। ताकि अपराध पर विराम लगे। लेकिन, अपराधियों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा। अपराध की घटनाएं निरंतर होती ही रहती है। दशकों से अमन-चैन बहाल नहीं हो पाया। लिहाजा, पुलिस के साथ-साथ आम आवाम की नींद यहां हराम रहती है।

दरअसल, नवगछिया अनुमंडल में एक-दो नहीं बल्कि चालीस से ज्यादा गांवों में छोटे-बड़े और नए-पुराने अपराधियों के गैंग हैं, जो हत्या, लूट, दुष्कर्म, रंगदारी, गोलीबारी, अपहरण, धमकी जैसे संगीन कांडों में संलिप्त रहे हैं। जबतक चार अपराधी सलाखों के पीछे जाते हैं, आठ बाहर आ गए होते हैं। एक दर्जन से ज्यादा पेशेवर इनामी अपराधी हैं। ये अपना डर दिखा किसानों और व्यापारियों से रंगदारी वसूलते हैं। पैसे कमाने का इनका शॉर्टकट रास्ता नए युवाओं को भी भाने लगा। इनको देख 20-25 वर्ष के कई युवा भी अपराध जगत में आ गए हैं। हाल की ज्यादातर चोरी, लूट और हत्या की घटनाओं में नए अपराधियों का नाम ही सामने आया है।

इन गांवों में हैं आपराधिक गिरोह

बिहपुर प्रखंड के हरियो, जमालदीपुर, सोनवर्षा, लत्तीपुर, गौरीपुर, बभनगामा, अमरपुर, जयरामपुर, दयालपुर, मड़वा, भमरपुर। खरीक प्रखंड के नया टोला भवनपुरा रेलवे स्टेशन, ढोढिया दादपुर, बगरी, लोकमानपुर, लोदीपुर, तुलसीपुर, उस्मानपुर, खैरपुर, धु्रवगंज, नवादा, तेलघी। नारायणपुर प्रखंड के नारायणपुर, बीरबन्ना, नवटोलिया, दुधैला, नरकटिया, कहारपुर। गोपालपुर प्रखंड में लत्तरा, तिनटंगा करारी, सैदपुर, पचगछिया, मकंदपुर, गोसाईंगांव। इस्माइलपुर प्रखंड के विनोवा दियारा, पश्चिमी भिट्ठा, कमलाकुंड। रंगरा प्रखंड में सधुआ, चापर, भवानीपुर, कुश्तीपुर सहोड़ा। नवगछिया प्रखंड में रसलपुर, धोबिनिया, जमुनिया, पकड़ा, महदत्तपुर, तेतरी। परबत्ता में जगतपुर, कदवा प्रखंड में प्रतापनगर, ढोलबज्जा।

50 से 25 हजार के इनामी अपराधी

सधुआ चापर का कुख्यात मोती यादव, सैदपुर का कुख्यात गुड्डु मुखिया, पकड़ा का बिलबिलिया, पूर्व प्रमुख मानकेश्वर सिंह उर्फ मंटा, नारायणपुर का प्रभाष यादव, शबनम यादव, भवानीपुर का कुमोदी यादव, भक्ता मंडल, अरविंद यादव, कमलाकुंड का कमांडो यादव, लोदीपुर का पप्पू यादव। कोई पचास हजार तो कोई 25 हजार का इनामी है। इनमें कई अपराधी इस समय सलाखों के पीछे हैं।

नए-पुराने गैंग के सदस्य

सोनवर्षा में चंदन, ङ्क्षरकू व राहुल कुंवर गैंग, फूचो, बिनो, सुधीर कुंवर गिरोह, हरियो में सचिता गैंग, जमालदीपुर में धारो सिंह गैंग, राजा, दतला व कारे गैंग और निरंजन मंडल गिरोह, लत्तरा में पुरुषोत्तम उर्फ छोटुआ व नवीन गैंग, तुलसीपुर में राकेश गैंग, चुन्ना सनगही गैंग, लोदीपुर में पप्पू गैंग, रसलपुर में टीएन गैंग, नारायणपुर में शबनम गैंग, नगरपाड़ा वर्तमान में राजेंद्र कालोनी नवगछिया में अजय सिंह गिरोह, तेतरी में राहुल गैंग, लत्तीपुर में दिलीप यादव गिरोह, वरूणंजय गिरोह, बुलबुलिया चौधरी का घूंघरा गिरोह, गौरीपुर में पिंकू-फूचो झा गिरोह, नरकटिया में लल्लू झा, सेतू राय, शिकारी राय गिरोह, बभनगामा में प्रमोद यादव गिरोह, कुल्टाह सिंह गिरोह, अमरपुर में रजनीश-नरेश चौधरी गैंग, मड़वा में विकास फाइटर गिरोह, जयरामपुर में विनीत कुंवर गिरोह, भूसी सिंह गिरोह, नवटोलिया में सूरज चौधरी गिरोह, संजय यादव गिरोह, कहारपुर में प्रभाष यादव गिरोह, दयालपुर में बिजली झा गिरोह, ढोढिया दादपुर में गुलशन और सर्जन यादव गिरोह, उस्मानपुर में महेंद्र यादव गिरोह, खैरपुर में अजय यादव गिरोह, चापर में मोती, अरविंद यादव गिरोह, भवानीपुर में कुमोदी और भक्ता मंडल गिरोह, सुधआ में अरविंद यादव गिरोह, कदवा में खोखा सिंह गिरोह, खोपडिय़ा में बजरंगी गिरोह, जगतपुर में विनोद यादव गिरोह, पचगछिया में टनटन यादव गिरोह, महदत्तपुर में संजय और शैलो सिंह गिरोह, नया टोला धु्रवगंज में सुबोध यादव, पटनिया पहलवान, बदला यादव व दिलीप यादव गिरोह, खरीक नवादा में पूरण मंडल गिरोह, तेलघी में झारखंडी, भरत सिंह गिरोह, पकड़ा में रामचंद्र और बिलबिलिया गिरोह, टुन्ना गिरोह, बड़ी मकंदपुर में बुचकुन चौधरी गिरोह, विजय सिंह गिरोह, गोसाईंगांव में दमदम यादव उर्फ मायाराम गिरोह, तिनटंगा में भोला पहलवान गिरोह, तिनटंगा करारी अखिलेश यादव गिरेाह और कामदेव गिरोह, कमलाकुंड में कमांडो यादव गिरोह, सैदपुर में गुड्डु मुखिया और पवन सिंह गिरोह, भमरपुर में ब्रजेश मिश्रा गिरोह। इस्माइलपुर में पप्पू यादव गिरोह।

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Edited By: Dilip Shukla