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पेट्रोल की टंकी फुल मत करवाना! केंद्र सरकार ने जारी कर दी एडवाइजरी

Published: Tue, 22 Sep 2026 03:02 PM (IST)

केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने एडवाइजरी जारी कर बताया है कि वाहन की पेट्रोल टंकी को उसकी अधिकतम क्षमता तक भरना सुरक्षित नहीं है।

पेट्रोल टंकी फुल करवाने वालों के लिए सरकार ने जारी की एडवाइजरी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पेट्रोल टंकी फुल करवाने वालों के लिए सरकार ने जारी की एडवाइजरी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. केंद्र सरकार ने पेट्रोल टंकी पूरी न भरने की सलाह दी।

  2. ईंधन के फैलाव और वाष्प के लिए जगह छोड़ना सुरक्षित।

  3. पूरी टंकी भरने से आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। बाइक की टंकी में पेट्रोल भराते समय अगर 12 लीटर की क्षमता लिखी होने के बावजूद, 12 लीटर पेट्रोल लेने पर टंकी नहीं भरती है, तो इसे पेट्रोल पंप की गड़बड़ी मान लेना सही नहीं है। वाहन की टंकी को उसकी अधिकतम क्षमता तक भरना भी सुरक्षित नहीं माना गया है।

केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग की विधि माप विज्ञान शाखा ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। इसमें वाहन चालकों को टंकी में ईंधन के फैलाव और वाष्प के लिए पर्याप्त खाली जगह रखने की बात कही गई है।

भागलपुर में भी वाहन चालक अक्सर इस बात को लेकर सवाल उठाते हैं कि कंपनी ने बाइक की टंकी की क्षमता 10 या 12 लीटर बताई है, लेकिन पेट्रोल पंप पर उतना तेल लेने पर टंकी नहीं भरती है। कई बार इसे कम पेट्रोल मिलने की शिकायत से जोड़कर पंप कर्मियों से बहस भी होती है।

हरिओम फ्यूल सेंटर, जीरोमाइल के मालिक सुमनजी के अनुसार, वाहन निर्माता द्वारा बताई गई टंकी क्षमता और उसमें सुरक्षित रूप से भरे जाने वाले ईंधन की मात्रा में अंतर होता है।

कंपनी टंकी को इस ढंग से बनाती है कि उसमें निर्धारित प्रतिशत जगह खाली रहना सुरक्षा का हिस्सा है, परंतु आए दिन कुछ उपभोक्ता पेट्रोल पंप पर इस बात पर अड़ जाते हैं कि कंपनी ने जो क्षमता निर्धारित की है, उतने में ही टंकी पूरी तरह भर जानी चाहिए। उन्हें समझाना पड़ता है, तब जाकर वे मानते हैं। उपभोक्ताओं को जागरूक करने की जरूरत है। - सुमनजी, हरिओम फ्यूल सेंटर

टंकी में खाली जगह क्यों है जरूरी?

विधि माप विज्ञान विभाग की एडवाइजरी के अनुसार, वाहन निर्माता टंकी की डिजाइन में ईंधन के फैलने और वाष्प बनने के लिए अतिरिक्त जगह रखते हैं। पेट्रोल तापमान बढ़ने पर फैलता है। यदि टंकी को मुंह तक भर दिया जाए और उसके अंदर फैलाव के लिए जगह न बचे, तो पेट्रोल के रिसाव की स्थिति बन सकती है।

ढलान पर वाहन खड़ा होने या गर्मी बढ़ने पर यह जोखिम और बढ़ सकता है। पेट्रोल ज्वलनशील होने के कारण रिसाव से आग लगने का खतरा भी पैदा हो सकता है।

यानी वाहन की पुस्तिका में लिखी टंकी की क्षमता को हर हाल में पंप से उतनी ही मात्रा में पेट्रोल भरवाने की सीमा मानना सही नहीं है। केंद्र की एडवाइजरी इसी भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से जारी की गई थी।

पूरी टंकी भरने से वाहन पर भी पड़ सकता है असर

पेट्रोल टंकी में वाष्प बनने के लिए भी पर्याप्त जगह जरूरी होती है। विभाग ने वाहन निर्माताओं से भी टंकी की क्षमता के साथ-साथ उपभोक्ताओं को निर्धारित सुरक्षित स्तर तक ही ईंधन भराने के संबंध में जागरूक करने की बात कही है।

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