भागलपुर [जेएनएन]। सृजन घोटाला मामले में सीबीआइ ने जिला प्रशासन के दो नाजिरों पर शिकंजा कसने के साथ डीआरडीए से अवैध निकासी मामले में सन्हौला प्रखंड को दी गई चेक की जानकारी भी शुक्रवार को ली। सीबीआइ ने सन्हौला प्रखंड को दिए गए दो चेक की छाया प्रति डीआरडीए से ली है।

इसके अलावा चेक से संबंधित अन्य जानकारियां भी ली गईं। सीबीआइ ने पूरी जानकारी डीआरडीए से कुछ दिन पहले ही मांगी थी। माना जाता है कि डीआरडीए से पांच प्रखंडों को राशि निर्गत की गई थी। शेष प्रखंडों के विषय में जांच एजेंसी जानकारी हासिल कर चुकी है।

अभी हाल में सीबीआइ को जिन दो कर्मियों के खिलाफ जिला प्रशासन से अभियोजन स्वीकृति मिली है, वे दोनों ही डीआरडीए के नाजिर पद पर रह चुके हैं। सीबीआइ को संदेह है कि घोटाले में इनकी संलिप्तता हो सकती है। डीआरडीए के खाते से हुई अवैध निकासी मामले में पूर्व में भी यहां के लेखा और वित्त विभाग के अधिकारियों को दिल्ली बुलाया जा चुका है। सीबीआइ पूछताछ के लिए दो बार डीडीसी को भी दिल्ली बुला चुकी है। सीबीआइ पूछताछ में यह जानना चाहती है कि किस परिस्थिति में चेक सृजन संस्था को दिया गया। मालूम हो कि डीडीसी के प्रभार में कुछ ही दिन रहे प्रभात कुमार सिन्हा पर सीबीआइ कार्रवाई कर चुकी है। पूर्व नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव को गिरफ्तारे भी किया जा चुका है।

सृजन मामले में आरोप पत्र गठित करने का निर्देश

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के निदेशक मिथिलेश कुमार ने कल्याण विभाग में कार्य कर चुके कर्मियों पर आरोप पत्र गठित करने का निर्देश दिया है। सरकार की ओर से पूर्व में भी आरोप पत्र गठित करने का निर्देश आया था।

सरकार ने मृत नाजिर महेश मंडल, राम प्रवेश पासवान, कमल किशोर सिन्हा, एसएम रिजवानु हसन, विजय पोद्दार के विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर भेजने का निर्देश दिया है।

Posted By: Dilip Shukla

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