खगडिय़ा, जेएनएन। Flood : कोसी-बागमती एक बार फिर उफान पर है। इससे जिले के बाढ़ प्रवण क्षेत्र में संकट गहरा गया है। बाढ़ का पानी पूरी तरह से निकला भी नहीं था कि पुन: बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। चौथम प्रखंड के कोसी-बागमती दियारा की 60 हजार की आबादी के सामने एक बार पुन: संकट कायम हो गया है। जबकि बेलदौर प्रखंड में भी कोसी-काली कोसी की बाढ़ का पानी पुन: प्रवेश करने लगा है। दुबारा बाढ़ की आहट से हजारों लोग संकट में घिर गए हैं। 17 सितंबर तक बारिश को लेकर अलर्ट है।

इंद्रदेव ने खोला पट, कोसी-बागमती उफनाई

भारी बारिश के कारण कोसी उफान पर है। नेपाल के सिमरा में 11 सितंबर को 111 मिलीमीटर बारिश हुई। यह कोसी का जलग्रहण क्षेत्र है। कोसी का जलस्तर बढऩे से बागमती और काली कोसी भी बढ़ रही है। मालूम हो कि खगडिय़ा में ही कोसी और बागमती का संगम होता है। काली कोसी भी कोसी से मिलती है।

 ऐसे में अगर कोसी बढ़ती है, तो काली कोसी और बागमती में उफान आ जाता है।

कोसी-बागमती खतरे के निशान से ऊपर

केंद्रीय जल आयोग कोसी उपमंडल बेगूसराय और बाढ़ नियंत्रण अंचल खगडिय़ा की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को कोसी खगडिय़ा के बलतारा में खतरे के निशान से एक मीटर 39 सेमी ऊपर बह रही थी। जबकि बागमती जिले के संतोष स्लूईस के पास खतरे के निशान से एक मीटर 55 सेमी ऊपर थी।

मंगलवार की सुबह भीमनगर बराज का डिस्चार्ज एक लाख 84 हजार पांच सौ क्यूसेक था। बराह क्षेत्र का डिस्चार्ज एक लाख 32 हजार पांच सौ क्यूसेक दर्ज किया गया।

कोसी के जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश से नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। कोसी के बढऩे से बागमती और काली कोसी भी बढ़ी है। घबराने की कोई बात नहीं है। सभी बांध-तटबंध सुरक्षित हैं। 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।- गोपालचंद्र मिश्र, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-दो खगडिय़ा।

 

 

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