भागलपुर। पिछले साल कोरोना काल में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में हुए खर्च की जाच में गड़बड़ी मिली हैं। जिला प्रशासन के मौखिक आदेश पर प्रखंड व अंचल द्वारा प्रवासियों की आवभगत में तमाम खर्च किए गए। इसके नाम पर कुछ प्रखंडों में गड़बड़ी की गई है। ऐसे प्रखंडों में बने क्वारंटाइन सेंटर में हुए खर्च की फिर से जांच होगी। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने अपर समाहर्ता राजेश झा राजा के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। जांच टीम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी, सदर अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी और राजस्व शाखा के वरीय पदाधिकारी अमित कुमार को रखा गया है। डीएम ने जांच कमेटी को निर्देश दिया है कि प्रखंडों से बिल प्राप्त जांच कीजिए और रिपोर्ट उपलब्ध कराइए। साथ ही पीरपैंती प्रखंड द्वारा उक्त मद में नियम विरुद्ध की गई निकासी की वास्तविक गणना कर रिपोर्ट तैयार करें।

डीएम ने इस आशय का पत्र 12 जून को जारी किया है। इस पत्र के आधार पर सबौर, जगदीशपुर, कहलगांव, पीरपैंती, नाथनगर प्रखंड में संचालित क्वारंटाइन सेंटर में हुए खर्च की जांच होगी। सबसे अधिक प्रवासी इसी प्रखंड में लौटकर आए थे।

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बिल देखने के बाद बनी थी टीम

पिछले वर्ष जिले में भारी संख्या में प्रवासियों के लौटने पर प्रखंडों में क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए थे। क्वारंटाइन सेंटर बंद होने पर प्रखंडों से जो बिल भेजा गया, उसमें गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पूर्व डीएम प्रणव कुमार ने 29 जुलाई 20 को तीनों अनुमंडल के लिए अलग-अलग जांच टीम का गठन किया था। कहलगांव अनुमंडल से जुड़े प्रखंडों में जांच के लिए एसडीओ, जिला लेखा पदाधिकारी, डीसीएलआर, अपर अनुमंडल पदाधिकारी की टीम बनाई गई थी। इसी प्रकार सदर अनुमंडल में जांच के लिए एसडीओ, वरीय कोषागार पदाधिकारी, डीसीएलआर व अपर अनुमंडल पदाधिकारी को रखा गया था। नवगछिया अनुमंडल के लिए एसडीओ, कोषागार पदाधिकारी, डीसीएलआर व लोक शिकायत निवारण को रखा गया था।

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कहलगाव व पीरपैंती में मिली गड़बड़ी

पूर्व डीएम प्रणव कुमार द्वारा गठित जांच टीम ने क्वारंटाइन सेंटर के लिए हुए खर्च से संबंधित विपत्रों की जाच की थी। जांच में कहलगाव अनुमंडल और पीरपैंती प्रखड में खासतौर पर गड़बड़ी मिली थी। जांच के दौरान आवश्यकता से अधिक खर्च और वित्तीय अनियमिततता का मामला सामने आया था। कहलगाव अनुमंडल के लिए गठित जांच टीम ने जो जाच रिपोर्ट सौंपा था, उसमें जरूरत से ज्यादा और सरकारी दिशानिर्देश के विरुद्ध अप्रत्याशित राशि खर्च करने की बात कही गई है। पाच सौ से सात सौ रुपये प्रतिदिन सफाईकर्मी और मजदूरों को भुगतान किया गया। टेंट-पंडाल आदि मद में भी अधिक खर्च किए गए। कुछ जगहों पर क्रय की गई सामग्री का भंडार पंजी और वितरण पंजी में जिक्र नहीं है। प्रवासी मजदूरों के आगमन व जाने की तिथि अंकित नहीं है। क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले प्रवासियों के लिए भोजन, पानी, कपड़ा, बर्तन, दैनिक उपयोग की वस्तुओं व अन्य मद में राशि खर्च की गई थी।

Edited By: Jagran