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डॉ. हेडगेवार को समझने आइए भागलपुर के टाउन हॉल! महानाट्य का होगा मंचन; स्वामी आगमानंद व ब‍िहार के दो मंत्री भी आएंगे

Published: Sun, 25 Oct 2026 07:33 PM (IST)

भागलपुर में 27 अक्टूबर 2026 को टाउन हॉल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार पर 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार' ...और पढ़ें

भागलपुर में सजेगा महानाट्य 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार'! आस्था गार्डन से लेकर टाउन हॉल तक तैयारी पूरी, जुटेंगे कई दिग्गज

भागलपुर में सजेगा महानाट्य 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार'! आस्था गार्डन से लेकर टाउन हॉल तक तैयारी पूरी, जुटेंगे कई दिग्गज

HighLights

  1. भागलपुर में डॉ. हेडगेवार पर भव्य महानाट्य का मंचन।

  2. स्वामी आगमानंद और बिहार के मंत्री होंगे कार्यक्रम के साक्षी।

  3. संघ संस्थापक के संघर्ष और स्वाधीनता संग्राम की गाथा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के संघर्ष, स्वाधीनता संग्राम और संघ सृजन की ऐतिहासिक गाथा के मंचन को लेकर शहर में उत्साह चरम पर है। आगामी 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में महानाट्य 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार' का भव्य मंचन सायं 4:30 बजे से किया जाएगा। 

आस्था गार्डन में बनी रणनीति, भगवा पताकाओं से सजेगा टाउन हॉल

आयोजन की अंतिम रूपरेखा तय करने के लिए शहर के आस्था गार्डन में संघ परिवार की संयुक्त रणनीतिक बैठक संपन्न हुई, जिसके बाद पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर आयोजन का औपचारिक ब्योरा सार्वजनिक किया। प्रेस वार्ता से पूर्व शहर के आस्था गार्डन में आरएसएस, भाजपा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और स्वदेशी जागरण मंच सहित विचार परिवार के प्रमुख कार्यकर्ताओं की एक वृहद समन्वय बैठक संपन्न हुई। बैठक के उपरांत कार्यकर्ताओं की टोली ने टाउन हॉल पहुंचकर साउंड सिस्टम, सिटिंग अरेंजमेंट और मंच सज्जा का भौतिक निरीक्षण किया।

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बैठक में आरएसएस के महानगर संघचालक डॉ. चंद्रशेखर साह, दक्षिण बिहार के प्रांत सह कार्यवाह बालमुकुंद गुप्ता, भागलपुर विभाग प्रचार प्रमुख अजीत घोष, नाट्य मंचन समिति के प्रमुख नीरज शुक्ला और सह प्रमुख योगेश पांडेय, रवि पंडित, प्राणिक वाजपेयी, त्रिपुरारी तिवारी, विष्णु शर्मा, संदीप शर्मा, प्रकाश साह, चंदन पोद्दार, रितेश शर्मा, हर्ष शांडिल्य, आचार्य पंकज अथर्व, दीपक शर्मा और अभिनव सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

टाउन हॉल परिसर को भगवा ध्वजों, वैचारिक पोस्टरों, आकर्षक रंगोली और संघ के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी से सजाया जा रहा है। आयोजन को लेकर शहरभर में निमंत्रण और सूचना पत्रक बांटे जा रहे हैं, जिसमें प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं की भारी भागीदारी की उम्मीद है। शुक्रवार को भागलपुर व‍िधायक रोह‍ित पांडेय और भाजपा ज‍िलाध्‍यक्ष संतोष कुमार ने टाउन हॉल जाकर कार्यक्रम की तैयार‍ियों का जायजा ल‍िया। 

महानाट्य 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार' 

  • आयोजन तिथि व समय: 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार), शाम 4:30 बजे।

  • स्थान: टाउन हॉल, भागलपुर।

  • तैयारी केंद्र: आस्था गार्डन में कार्ययोजना व टाउन हॉल में भौतिक व्यवस्था।

  • विशिष्ट अतिथिगण: स्वामी आगमानंद जी महाराज, नरेश मोहन झा (विभाग संघचालक), मंत्री नितीश मिश्र, मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र।

  • प्रस्तुति संस्था: 'नादब्रह्म', नागपुर (लेखक: डॉ. अजय प्रधान, निर्देशक: सुबोध सुर्जिकर, संगीत: शैलेश दाणी, निर्माता: पद्माकर धानोरकर, मुख्य संरक्षक: रविजी भुसारी)।

  • प्रवेश व्यवस्था: आम नागरिकों, युवाओं व प्रबुद्धजनों के लिए पूर्णतः निःशुल्क।

संत, सत्ता और संगठन के शीर्ष चेहरे बनेंगे साक्षी

शनिवार को आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में दक्षिण बिहार के प्रांत सह कार्यवाह बालमुकुंद गुप्ता ने बताया कि इस ऐतिहासिक मंचन के साक्षी बनने के लिए कई विशिष्ट विभूतियां भागलपुर पहुंच रही हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन नवगछिया स्थित श्री शिवशक्ति योग पीठ के पीठाधीश्वर व अयोध्या विभीषणकुंड के उत्तराधिकारी जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी आगमानंद जी महाराज करेंगे।

साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भागलपुर विभाग संघचालक नरेश मोहन झा, बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नितीश मिश्र तथा पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। महानगर सह कार्यवाह रवि कुमार सिन्हा ने बताया कि नाटक का आलेख डॉ. अजय प्रधान का है, जबकि निर्देशन सुबोध सुर्जिकर और संगीत शैलेश दाणी ने तैयार किया है। नाटक के निर्माता पद्माकर धानोरकर हैं और संघ के वरिष्ठ प्रचारक रविजी भुसारी इस नाट्य अभियान के मुख्य संरक्षक हैं।

नेताजी से मंत्रणा और वटवृक्ष बनने की प्रेरक गाथा

नाट्य समिति के सह प्रमुख योगेश पांडेय ने बताया कि नाटक के ओजस्वी दृश्य दर्शकों को सीधे 1920 और 30 के दशक में ले जाएंगे, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. हेडगेवार के बीच सशस्त्र क्रांति और देश की पूर्ण स्वाधीनता को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ था।

रंगमंच पर यह दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र होगा कि कैसे 1925 की विजयदशमी पर नागपुर में महज मुट्ठी भर बाल-किशोर स्वयंसेवकों को साथ लेकर संगठन का जो नन्हा सा पौधा लगाया गया था, वह आज करोड़ों स्वयंसेवकों का विश्वव्यापी वटवृक्ष बन चुका है। यह प्रस्तुति समाज में समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान जगाने का एक सशक्त सांस्कृतिक प्रयास है।

तिलक, अरविंदो और सावरकर के विचारों का संगम

नाट्य मंचन समिति के प्रमुख नीरज शुक्ला ने कहा कि यह नाट्य रूपांतरण केवल एक साधारण जीवनी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के स्वाधीनता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना के पुनरुत्थान का एक जीवंत ऐतिहासिक दस्तावेज है। नाटक में दर्शक देखेंगे कि किस प्रकार डॉ. हेडगेवार का वैचारिक मानस लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के कर्मयोग, महर्षि अरविंदो के आध्यात्मिक राष्ट्रवाद और स्वातंत्र्यवीर सावरकर की प्रखर राष्ट्रभक्ति से सिंचित था।

विभाग प्रचार प्रमुख अजीत घोष ने बताया कि मंच पर उन ऐतिहासिक प्रसंगों को भी सजीव किया जाएगा, जब डॉ. हेडगेवार ने कांग्रेस के सत्याग्रहों की अग्रिम पंक्ति में रहकर दो बार सश्रम कारावास झेला। इसके साथ ही राष्ट्रीय धारा के भीतर तुष्टिकरण की तत्कालीन नीतियों और असफल सामाजिक प्रयोगों के प्रति उनके वैचारिक मतभेदों को भी नाटक में पूरी निष्पक्षता से दर्शाया जाएगा।

प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने किया नि:शुल्क प्रवेश का ऐलान

प्रेस वार्ता के दौरान आरएसएस के महानगर संघचालक डॉ. चंद्रशेखर साह ने बताया कि बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के सहयोग तथा 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार नाट्य आयोजन समिति' द्वारा आयोजित इस महानाट्य का यह 68वां विशेष मंचन होगा। इसे नागपुर की सुविख्यात सांस्कृतिक संस्था 'नादब्रह्म' के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है।

उन्होंने भागलपुर की प्रबुद्ध जनता, रंगकर्मियों, बुद्धिजीवियों और युवाओं से आह्वान किया कि वे समय से पूर्व टाउन हॉल पहुंचकर इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायी मंचन के साक्षी बनें; आम दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।

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