आनलाइन डेस्‍क, भागलपुर। भागलपुर रेलवे स्टेशन जंक्‍शन परिसर एक महिला खुद को बांका का सांसद बताते हुए पूरे रौब में दिखीं। वह स्टेशन मास्टर के चेंबर में घुस गईं। मौजूद कर्मियों से हड़काया और कई सवाल-जवाब करने लगीं। वह स्टेशन मास्टर के कमरे में बैठ गयीं। गले में बांका सांसद का आइडी कार्ड लटका था। एक रबर मुहर भी उसके पास था, जिसमें मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट लिखा था। महिला ने कहा कि जेपी नड्डा और अमित शाह से उसके अच्‍छे संबंध हैं। उन्‍होंने ही उसे सांसद बनाया है। बॉडी गार्ड के लिए भागलपुर के जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। इसके बाद रेलवेकर्मी सकते में आ गए।

बता दें कि उस महिला को नाम आयशा खातून है। जबकि बांका के सांसद जदयू के गिर‍धारी यादव हैं। भागलपुर का पड़ोसी जिला बांका है। सभी को यह मालूम है। फ‍िर भागलपुर में एक महिला को बांका सांसद बताना और रेलकर्मियों को हड़काना, समझ से परे हैं। रेलकर्मी भी महिला से काफी डरे व सहमे हुए थे। रेलकर्मियों ने वीआइपी रूम भी खोल दिया। उसने विश्‍वास कर लिया कि यही महिला बांका की सांसद हैं। बता दें कि वह महिला वीआइपी रूम नहीं देने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन लगाने की धमकी दे रही थीं। खुद को बांका सांसद बता रही थी।

स्टेशन मास्टर ने आरपीएफ इंस्पेक्टर और एसीएम को इस मामले की जानकारी दी। लेकिन रात में करने कोई नहीं आया। महिला वीआइपी रूम में रहीं। यहां बता दें कि वीआईपी यात्रियों के यहां बैठने की जगह है। वह महिला मंगलवार रातभर वीआइपी रूम में सोयी रही। सुबह बुधवार को दिन भर वह बाहर रही। बुधवार की रात 9.30 बजे फिर स्टेशन आकर महिला ने वीआइपी रूम खोलने को कहा।

बुधवार को महिला को वीआइपी रूम नहीं दिया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर रणधीर कुमार ने बताया कि सूचना उन्हें मिली थी, लेकिन सबकुछ शांत हो हो जाने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की। कहा कि वीआइपी रूम परिचय से बिना संतुष्ट हुए खोल दिया गया। यह स्टेशन मास्टर की गलती है। वीआइपी रूम में आने वाले हर व्यक्ति की पहले तककीकात की जाती है। पूरी जांच के बाद रूम खोला जाता है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla