जमुई। सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल योजना में 47 लाख रुपये के गबन का मामला प्रकाश में आया है। डीएम धर्मेंद्र कुमार ने इस मामले में झाझा के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी सतीश कुमार के विरुद्ध स्पष्टीकरण प्राप्त कर प्रपत्र-क गठित करने का निर्देश दिया है। साथ ही संबंधित पंचायत सचिव, मुखिया एवं कनीय अभियंता से भी स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी ने तीन दिनों के भीतर राशि वसूल करने अन्यथा प्राथमिकी दर्ज करने भी आदेश दिया है। यह गड़बड़ी झाझा प्रखंड की कानन पंचायत के वार्ड संख्या तीन में हुई है। सरकारी राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद भी दायर किया जाएगा।

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पंचायती राज पदाधिकारी ने की थी जांच इस वार्ड में नल का जल योजना के तहत कुल सात योजनाओं का चयन किया गया था। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने पंचायती राज पदाधिकारी संतोष कुमार से मामले की जांच कराई थी। मामले में एक ही ठेकेदार को सात अलग-अलग योजनाओं में 47 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया गया था। यह सात निश्चय योजना की नियमावली के विपरीत है।

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कोट

जिला पंचायती राज पदाधिकारी संतोष कुमार द्वारा जांच में झाझा प्रखंड की कानन पंचायत अंतर्गत वार्ड तीन में सात निश्चय योजना में राशि के विचलन की पुष्टि हुई है। इसके उपरांत आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

- धर्मेन्द्र कुमार, डीएम, जमुई।

Posted By: Jagran