भागलपुर [जेएनएन]। छात्र-छात्राओं के बीच कॉमर्स का क्रेज बढ़ा है। विश्व स्तर पर ग्लोबलाइजेशन के बाद इस विषय की डिमांड बढ़ी है। कॉमर्स के छात्र स्वरोजगार के साथ नौकरी पेशे में भी जा रहे हैं। ये बातें सुंदरवती महिला महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह ने दैनिक जागरण से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन में बिना कॉमर्स के काम नहीं चल सकता है। कॉलेजों और पीजी विभागों में कॉमर्स की पढ़ाई कॉरपोरेट सेक्टरों की मांग के अनुरूप कराई जाए।

डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि संस्थानों को कुशल प्रबंधन कामर्स ही दे सकता है। क्योंकि, कॉलेज स्तर पर ही छात्रों को बही खाते की जानकारी दी जाती है। जिसकी वजह से उन्हें बाद में परेशानी नहीं होती है। वित्तीय संस्थानों में कॉमर्स के छात्र-छात्राओं को ही प्राथमिकता मिलती है। कॉमर्स की डिग्री लेकर सीए या मैनेजमेंट करने वाले कई कंपनियों का लेखा जोखा रखते हैं। अब प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कॉमर्स विषय की उपयोगिता बढ़ गई है। डॉ. राजीव ने कहा कि जहां वित्तीय प्रबंधन का मामला रहेगा वहां कॉमर्स स्वाभाविक तौर पर रहेगा। अब तो बीकॉम या एमकॉम की डिग्री को भी कई वित्तीय संस्थाएं महत्व देती हैं। इसलिए इस विषय की मांग विश्व स्तर पर बढ़ती जा रही हैं।

Posted By: Dilip Shukla

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