भागलपुर [जेएनएन]। भागलपुर में साइबर अपराधी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पुलिस अनुसंधान भी नहीं पा रही है। थाने में केस दर्ज हो रहे हैं, लेकिन अपराध नहीं रुका रहा। रोज किसी न किसी के खाते से रुपये निकाले जा रहे हैं। साइबर अपराधी खुद को बैंककर्मी बताते हैं। पुलिस भी ऐसे अपराध से निपटने के लिए तैयार नहीं है। पुलिस के पास भी आधुनिक संसाधन नहीं हैं। जो व्यक्ति थाने में केस दर्ज कराने जाता है पुलिसकर्मी उन्हें ही डांट देते हैं। पुलिसकर्मी कहते हैं कि आपने अपने कार्ड और खाते का डिटेल क्यों दिया।

छात्र के खाते से रुपये निकाले

भागलपुर में 11वीं की पढ़ाई कर रहे मधेपुरा के एक छात्र का 3650 रुपये बैंक खाते से साइबर अपराधी ने निकाल लिए। पीडि़त छात्र प्रिंस राज ने बताया कि मुझे 9021843445 से एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के हेड ब्रांच से बोल रहा हूं। आपका एटीएम कार्ड बंद हो गया है। इसे रिएक्टिवेट करना होगा। इसके लिए उन्होंने एक टेक्स मैसेज भेजा। फोन पर एटीएम का 16 अंकों वाला नंबर, एक्सपायरी डेट और तीन अंकों वाला सीसीभी नम्बर की मांग की। हालांकि इसकी जानकारी जब साइबर अपराधी को दे दी तो छात्र को शक होने लगा कि शायद बैंक से रुपया तो नहीं निकाल लेगा। फिर पीडि़त ने उनसे पूछा कि आप रुपया तो नहीं निकाल रहे हो, तो जबाव में बताया गया कि आपका पासवर्ड नहीं मांगा है, इसलिए रुपया कैसे निकाला जा सकता हैं। उसने खुद को हेड ब्रांच का बैंककर्मी बताया। इसके कुछ देर बाद उसके सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से तीन बार में 3650 रुपये निकल लिए गए। इसका मैसेज जब पीडि़त के मोबाइल पर आया तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल उसी नम्बर पर कॉल किया। काफी देर पर फोन पर साइबर अपराधी उसे बरगलाते रहे। कभी पासबुक अपडेट कराने तो कभी 24 घंटे में वापस राशि वापस हो जाने की बात कहते रहे। इस पर भी साइबर अपराधी बाज नहीं आए। उन्होंने उससे दूसरे एटीएम (खुद या हो या किसी अन्य का) उसका डिलेट मांगा। साइबर अपराधी ने कहा कि दूसरे एटीएम का डिटेल लेकर उसे गाइरेंटर बनाकर आपके एटीएम को चालू कर देगा और कटा हुआ रुपया वापस कर देगा। साइबर अपराधी से प्रिंस के मोबाइल से उस मैसेज को डिलीट करने को कहा, जिसमें बैंक खाते से निकले हुए रुपये का टेक्‍स मैसेज था। इस पर उसने दलील यह दी कि मैसेज डिलीट होने के बाद नया मैसेज आएगा और खाते में रुपये भी वापस आ जाएंगे।

साइबर ठग ने दो बैंक खातों से उड़ाए रुपये

साइबर ठगों ने तिलकामांझी के नंद लाल मिश्रा लेन, सुरखीकल निवासी विनय कुमार विनय के दो बैंक खातों से 33 हजार पांच सौ रुपये उड़ा लिए। उन्होंने जोगसर पुलिस चौकी में अज्ञात साइबर ठगों के विरुद्ध केस दर्ज कराया है। विनय ने बताया कि इलाहाबाद बैंक की चंद्रलोक कांप्लेक्स और बैंक ऑफ बड़ौदा की घंटाघर शाखा उनका खाता है। इलाहाबाद बैंक के खाते से 23 नवंबर को 35 सौ और 27 नवंबर को 10 हजार रुपये निकल गए। जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा से एक दिसंबर को चार किश्तों में पांच-पांच हजार कुल 20 हजार रुपये गायब हो गए। जबकि उन्होंने अपने बैंकों से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी से शेयर भी नहीं की है। जोगसर इंचार्ज विश्वबंधु कुमार ने कहा कि केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

महिला ने गोपनीय पिन बताया और खाते से गायब हो रुपये

बांका जिले के धोरैया स्थित मकैता गांव निवासी मीना देवी के खाते से साइबर ठग ने 11 हजार 500 रुपये उड़ा लिया। उन्होंने इस संबंध में तिलकामांझी चौकी में केस दर्ज कराया है। मीना देवी ने अपनी शिकायत में कहा है कि वो रुपये निकालने के लिए एटीएम गई थी। एटीएम से एक बार में रुपये नहीं निकले। उस समय एटीएम में एक व्यक्ति मौजूद था। उसने अपना एटीएम और गोपनीय पिन नंबर उसे दे दिया। जब महिला अपने घर लौटी तो दो किश्तों में उनके खाते से 11 हजार 500 रुपये गायब हो गए। साइबर ठग का चेहरा सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

Posted By: Dilip Shukla

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