भागलपुर, जेएनएन। शाह मार्केट के नायब मोत्तवल्ली सह खानकाह पीर दमडिय़ा के सज्जादानशीं सैयद शाह फखरे आलम हसन ने लोगों से अपने घर में ही जुमे की नमाज अदा करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कहा कि घरों में रहकर लोग जोहर की नमाज अदा करें। कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए जुमे की नमाज मस्जिदों में नहीं पढ़ें। मस्जिदों में चार-पांच लोग ही जुमा की नमाज अदा करें।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते मजदूर परिवारों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। इनके सहयोग के लिए खानकाह पीर दमडिय़ा ने गरीबों के बीच भोजन का वितरण कर जनहित में सकारात्मक कदम उठाया है। गुरुवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर गरीब परिवार, मस्जिदों के इमामों व मोअज्जिनों को राशन वितरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में मोहल्ला कमेटी, मस्जिद कमेटी और वक्फ कमेटी द्वारा मानवता की सेवा के लिए कार्य कराने की आवश्यकता है। कंधे से कंधा मिलाकर एक-दूसरे की मदद करने की जरूरत है।

अजान के बाद घरों में पढ़ेंगे नमाज

भागलपुर जिले के मस्जिदों के ईमामों ने सर्वसम्मति से सहमति दी है कि मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए भीड़ एकत्रित नहीं होगी। अजान के बाद लोगों को अपने-अपने घरों में नमाज पढऩे की सलाह दी जाएगी, ताकि सोसल डिस्टेंस बनी रहे और कोरोना के संक्रमण से समाज को बचाया जा सके। ईमामों ने बताया कि इस संबंध में मस्जिदों के प्रबंध कमेटी की बैठक कर सहमति ली जाएगी। इसके पूर्व डीएम प्रणव कुमार और एसएसपी आशीष भारती ने ईमामों को बताया कि कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए सोसल डिस्टेंस महत्वपूर्ण है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। इसके लिए आवश्यक है कि लोग यथासंभव अपने घरों में रहें और बहुत जरूरी पडऩे पर ही अपने घरों से निकलें। मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए काफी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। भीड़ एकत्रित होने की स्थिति में कोरोना वायरस के संक्रमण की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। डीएम ने सुझाव दिया कि मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए भीड़ एकत्रित करने के बजाय घर पर ही नमाज अदा करें तो उचित होगा।

 

Posted By: Dilip Shukla

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